केदारनाथ , PAHAAD NEWS TEAM
सनातन धर्म में देवी-देवताओं के साथ-साथ इनसे जुड़ी और इनकी प्रिय कई चीजों का वर्णन है, जो उन्हें प्रिय हैं। भगवान विष्णु की बात करें तो नीलकमल से अधिक प्रसन्न होते हैं। प्राप्त खबर के अनुसार उत्तराखंड के केदारनाथ वन मंडल क्षेत्र में स्थित वासुकीताल कुंड से करीब 3 किमी. कई वर्षों के बाद क्षेत्र में नीलकमल के फूल खिले हैं। यह एक धार्मिक मान्यता है कि यहां इस फूल का खिलना एक चमत्कार है क्योंकि यह एक बहुत ही दुर्लभ फूल है जो कई वर्षों में केवल एक बार ही खिलता है। कहा जा रहा है कि लॉकडाउन के चलते जब हिमालयी क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर कम हुआ है तो वहां की प्रकृति ने भी सांस लेना शुरू कर दिया है.

उत्तराखंड : चमत्कार हुआ केदारनाथ में , बरसों बाद खिल गया दुर्लभ नीलकमल
कहा जाता है कि हिमालय क्षेत्र में 4 प्रकार के कमल के फूल पाए जाते हैं- 1. नीलकमल, 2. ब्रह्म कमल, 3. फेन कमल और 4. कस्तूरा कमल । पुराणों के अनुसार कमल के फूल की उत्पत्ति भगवान विष्णु की नाभि से और ब्रह्माजी की उत्पत्ति कमल के फूल से हुई है। भगवान ब्रह्मा, लक्ष्मी और सरस्वती ने कमल के फूल को अपना आसन बनाया है। कमल का फूल नीला, गुलाबी और सफेद रंग का होता है। कुमुदनी और उत्पल (नीलकमल) एक ही प्रकार के कमल हैं।
Uttarakhand | We have seen a variety of rare flowers near Vasuki Tal (near Kedarnath Temple) including Neelkamal, which has become the main attraction for tourists: Amit Tanwar, Divisional Forest Officer, Kedarnath Forest Division (23.09.2021) pic.twitter.com/YvjSSAXiX4
— ANI (@ANI) September 24, 2021
धार्मिक मान्यता है कि नीलकमल को भगवान विष्णु का प्रिय फूल माना जाता है। इस फूल का वानस्पतिक नाम Neymphus nochli या Jensiana phytocalyx है। यह नीले रंग का होता है। यह एशिया के दक्षिणी और पूर्वी भाग का देशज पादप है और श्रीलंका और बांग्लादेश का राष्ट्रीय फूल है। फेन कमल, कस्तूरा कमल और ब्रह्म कमल आसानी से देखे जा सकते हैं, लेकिन नीलकमल काफी दुर्लभ है। इसलिए इसका खिलना चमत्कार माना जाता है।



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