देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM
सरकारी नौकरी की मांग कर रहे शहीद संदीप रावत के परिजनों ने गांधी पार्क के सामने धरना दिया और सरकार से न्याय की गुहार लगाई. इस दौरान धरने में कई क्षेत्रवासी भी शामिल थे।
शहीद के भाई दीपक रावत का कहना है कि सरकार ने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया था, लेकिन 5 साल बाद भी आज तक किसी को नौकरी नहीं दी गई. परिवार सरकारी नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है। जिसके चलते उन्होंने गांधी पार्क के सामने धरना देने का फैसला किया है.
गौरतलब है कि संदीप रावत 2016 में जम्मू-कश्मीर के तंगधार में एक आतंकवादी से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। महज 21 साल की उम्र में शहीद हुए रावत ने 27 अक्टूबर 2016 को घुसपैठ की एक कोशिश को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया था। इस गोलाबारी में राइफलमैन रावत ने गोली लगने से घायल हो गए थे । जिसके बाद उन्हें मुठभेड़ स्थल से प्राथमिक उपचार के लिए श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल में ले जाया गया। जहां घायल संदीप रावत की मौत हो गई। बॉक्सिंग में विशेष रुचि रखने वाले संदीप रावत को स्पोर्ट्स कोटे से भारतीय सेना में भर्ती किया गया था।
परिवार ने सरकार पर गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 साल से सरकार सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक परिवार के किसी भी सदस्य को नौकरी नहीं दी गई है. प्रदर्शन के दौरान शहीद की मां आशा देवी भी मौजूद थीं।


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