देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM

निजी स्कूलों की तर्ज पर उत्तराखंड के पांच हजार सरकारी स्कूलों में भी 1 जुलाई से प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू हो जाएंगी. ये वो स्कूल हैं जिनके परिसर में आंगनबाडी केंद्र भी चल रहे हैं. आंगनबाडी में आने वाले विद्यार्थियों को प्री-प्राइमरी में अक्षर व अंक का ज्ञान दिया जाएगा।

शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने एससीईआरटी को प्री-प्राइमरी सिलेबस जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए हैं। विद्यार्थियों को अपनी पुस्तकों को आकर्षक, सरल और चित्रों पर आधारित बनाने के लिए कहा गया है। एससीईआरटी के अपर निदेशक डॉ. आरडी शर्मा ने बताया कि पाठ्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसे पुस्तक रूप में प्रकाशित किया जा रहा है।

इससे लाभ होगा


वर्तमान व्यवस्था में सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से शिक्षा शुरू होती है। छात्र को पहली कक्षा से वर्णमाला और संख्या का ज्ञान सीखना है। प्री-प्राइमरी में वर्णमाला और संख्या ज्ञान से परिचित होने से छात्र कक्षा 1 के पाठ्यक्रम को आसानी से समझ सकेंगे। विभिन्न स्तरों पर किए गए सर्वेक्षणों में अक्सर यह पाया गया है कि सरकारी स्कूलों के छात्रों को उनकी कक्षा के मुकाबले कम शैक्षिक स्तर पाया गया है।