देहरादून, PAHAAD NEWS TEAM

उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते यहां आपदा जैसे हालात पैदा होना आम बात है. मानसून सीजन के दौरान, राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाएं देखी जाती हैं। ऐसे में मानसून सीजन को देखते हुए राज्य सरकार ने गढ़वाल और कुमाऊं संभाग में एक-एक हेलीकॉप्टर तैनात करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तत्काल राहत राहत बचाव कार्य शुरू किया जा सके. इसके लिए हेलीकॉप्टर कंपनियों के टेंडर मांगे गए हैं। 5 जून को टेक्निकल बिड और 7 जून को फाइनेंशियल बिड खोली जानी है। इसके बाद कंपनी का चयन कर दोनों डिवीजनों में हेलिकॉप्टर की तैनाती कर दी जाएगी ।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने राज्य के गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में हेलीकॉप्टरों की तैनाती के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। अब जल्द ही इसकी टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 10 से 15 जून के भीतर दोनों मंडलों में एक-एक हेलीकॉप्टर तैनात कर दिया जाएगा। मुख्य रूप से राज्य में मानसून सीजन के दौरान बादल फटने या भूस्खलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इससे पहाड़ी इलाकों की सड़कें अक्सर बाधित रहती हैं। ऐसे में यह फैसला इस बात को ध्यान में रखते हुए लिया गया है कि लोगों को कोई परेशानी न हो और साथ ही राहत कार्य तेजी से किया जा सके.

आपको बता दें कि पिछले साल भी राज्य सरकार ने राज्य के गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र में एक-एक हेलीकॉप्टर तैनात करने के निर्देश दिए थे. हालांकि, गढ़वाल मंडल में एक हेलीकॉप्टर तैनात किया गया था। लेकिन कुमाऊं मंडल के लिए किसी भी हेली कंपनी ने अपनी रुचि नहीं दिखाई थी । इसके चलते पिछले साल एक हेलीकॉप्टर से राहत कार्य किया गया था। ऐसे में इस साल भी एक बार फिर दोनों जगहों पर हेलीकॉप्टर तैनात करने की प्रक्रिया के लिए टेंडर पहले ही खोल दिए गए थे.