श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय मुख्यालय, बादशाहीथौल टी.जी. कुलपति प्रो. एन.के. जोशी के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया। योगाचार्य श्रीमती की उपस्थिति में विश्वविद्यालय मुख्यालय के सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा योगाभ्यास किया गया।

योग के बाद अपने संबोधन में प्रो एनके जोशी ने मानव जीवन में योग के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि योग व्यक्ति को ब्रह्मांड से, आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है. प्रो.जोशी ने कहा कि योग को जीवन शैली के रूप में हमारी दिनचर्या में शामिल किया जाना चाहिए। परिवार को समाज से, समाज को राष्ट्र से और राष्ट्र को विश्व से जोड़ना ही योग है। जीवन की सार्थकता तभी है जब हम अपने कर्मों से अपने परिवार, समाज, राष्ट्र और पूरे विश्व का भला कर सकें। योग इस दिशा में हमारी मदद करता है

जिसकी सहायता से हम संपूर्ण विश्व का कल्याण कर सकते हैं। श्रीमती चन्द्रेश्वरी नेगी, श्रीमती बीना रयाल, सहायिका कु0 पूजा चैहान एवं कु0 मैत्रिया ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्राणायाम, सूर्य नमस्कार एवं अन्य योगासन कराये तथा इसके लाभों से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्राणायाम कई बीमारियों के इलाज के साथ-साथ अन्य बीमारियों से बचाव में भी सहायक है।

उन्होंने कहा कि प्राणायाम कई बीमारियों के इलाज के साथ-साथ अन्य बीमारियों से बचाव में भी सहायक है। प्रो जोशी ने सभी से प्रतिदिन योग करने की अपील की तथा श्रीमती चन्द्रेश्वरी नेगी एवं श्रीमती बीना रयाल को विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए विश्वविद्यालय मुख्यालय में एक सप्ताह का योग शिविर आयोजित करने के निर्देश दिये। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हेमन्त बिष्ट ने किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो0 वी0पी0 श्रीवास्वत, सहा0 परीक्षा नियंत्रक डाॅ0 हेमन्त बिष्ट, डाॅ0 बी0एल0 आर्य, सहायक कुलसचिव श्री देवेन्द्र सिंह रावत, श्री हेमराज चैहान, प्र0 मान्यता श्री सुनील नौटियाल, प्र0निजी सचिव श्री वरूण डोभाल, श्री कुलदीप सिंह आदि उपस्थित थे।

मिस यूनिवर्सल 2023 का पहला ऑडिशन पुणे में सम्पन्न