देहरादून : कांवड़ मेले के अंतिम सप्ताह में पुलिस की मुश्किलें दोगुनी होती दिख रही हैं. अगले 6 दिनों में 2 करोड़ से ज्यादा कांवड़ियों के आने को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस की ओर से सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं.
डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक 14 जुलाई से शुरू हुई कांवड़ यात्रा में 15 लाख कांवड़िये नीलकंठ महादेव मंदिर और 70 लाख से अधिक कांवड़ियां हरिद्वार में पानी भरने के लिए आए हैं. यात्रा के अंतिम सप्ताह में आने वाले करोड़ों शिव भक्तों के लिए सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। कांवड़ मेले की 24 घंटे निगरानी पुलिस मुख्यालय से की जा रही है, ताकि कानून व सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक को तत्काल निर्देश देकर सुधारा जा सके.
कांवड़ यात्रा के दौरान बचाई 15 तीर्थयात्रियों की जिंदगी: डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान ऋषिकेश , हरिद्वार में गंगा में स्नान के दौरान 15 श्रद्धालुओं को डूबने से बचाया गया है. इस बार गंगा जी में सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ जल पुलिस और अतिरिक्त गोताखोर तैनात किए गए हैं, जो श्रद्धालुओं के जान-माल की सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे.
आतंकी खतरे को देखते हुए बढ़ाई गई अतिरिक्त सुरक्षा: कांवड़ यात्रा में आतंकी खतरे की आशंका को देखते हुए हरिद्वार, ऋषिकेश और नीलकंठ में 10 हजार से ज्यादा फोर्स को तैनात किया गया है. इसके अलावा कांवड़ मेले में अतिरिक्त सुरक्षा बलों, एसडीआरएफ, जल पुलिस, पीएसी, पैरा कमांडो और केंद्रीय सुरक्षा बलों की चार टुकड़ियों के राहत दल तैनात हैं. इसके अलावा इंटेलिजेंस यूनिट और एटीएस (एंटी टेररिज्म स्क्वॉड) और बम स्क्वायड और अन्य टीमें भी तैनात हैं।

