मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की सरकार को आज 100 दिन पूरे हो चुके हैं जिसके बाद वह आज मीडिया से रूबरू हुए और आज विकास पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सिंह रावत ने मौन रखकर केदार नाथ आपदा व कोविड में मृत हुए लोगो को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 100 दिन सरकार के पूरे हो चुके हैं। कोविड में महीने हमने संघर्ष किया है, कई योजनाओं के निर्णय लिए गए हैं। कोरोना पोज़िटिव होने के बावजूद भी कई निर्णय लिए गए। साथ ही वर्चुअल के चौपाल के माध्यम से जनता से जुड़ अधिकारियों को निर्देश दिए और समस्याओं का समाधान भी किया गया। हमारे सामने कुम्भ और विकास प्राधिकरण के भी विषय थे। जिसकी ग्रामीण क्षेत्रो में जरूरत नही थी उसको हमारी सरकार ने समाप्त किया, और जहाँ हमें विकास करना था उसकी ओर हम बढ़ रहे थे। लेकिन कोरोना से सभी लोग जूझ रहे थे। किसी ने कल्पना नहीं की थी कि दूसरी लहर कैसी आएगी, लेकिन हमने उसकी तैयारी की। अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या को 10 गुना किया गया, ऑक्सीजन प्लांट भी बढ़ाये गए। ब्लॉक स्तर तक भी ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। साथ साथ भारत सरकार ने डीआरडीओ के माध्यम से 14 दिनों में 500 बेड का हॉस्पिटल तैयार किया। हल्द्वानी में भी हॉस्पिटल तैयार किया गया। आज हम लोग राहत महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हम तीसरी लहर के लिए भी सम्पूर्ण तैयारियों के साथ तैयार हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बताया कि उनका दिल्ली दौरा कैसा रहा। उन्होंने बताया कि दिल्ली में तमाम मंत्रियो से मुलाकात हुई। सभी लोगों से मुझे कुछ न कुछ मिला है, सभी विभागों से मिला है। प्रधानमंत्री जी ने मुझे आश्वस्त किया है कि उत्तराखंड के लिए कोई कमी नही है। जल्द ही कुछ काम दिखेंगे। साथ ही हमारा प्रयास है कि पर्यटन को उभारने का काम हमने किया है। हम जनता के हित के लिये कार्य करेंगे। देहरादून से विकास नगर व चारधाम को रेल से जोड़ने का काम 2024 तक किया जाएगा। कुमाऊ में भी एम्स खोलने की बात की गई। कोरोना के कारण तेजी से नही बढ़ पाए, लेकिन अब विकास में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने यह बताया कि पूरे प्रदेश में 45 वर्ष वालों को 65 प्रतिशत वेक्सीन लग चुकी है। अन्य स्टेट से हमारे उत्तराखंड में डेढ़ गुना ज्यादा टैस्टिंग हो रही है। टैस्टिंग व वेक्सिनेशन का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है ताकि करोना की जंग को हम जीत सकें।
सरकार के 100 दिन

