कैम्पटी/विरेंद्र वर्मा।
लखवाड़ बांध प्रभावित काश्तकार संयुक्त संघर्ष मोर्चा का पिछले 49 दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान के आश्वासन के बाद अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया। प्रभावित काश्तकार अपनी 22 सूत्रीय मांगों—विस्थापन, उचित मुआवजा, रोजगार और पुनर्वास—के समाधान की मांग को लेकर लगातार आंदोलनरत थे।
शुक्रवार को कूणा लोहारी में धरनास्थल पर संघर्ष मोर्चा की प्रतिनिधिमंडल ने बेरोजगार युवाओं और प्रभावित काश्तकारों के साथ विधायक मुन्ना सिंह चौहान तथा एनएनटी कंपनी के प्लानिंग अधिकारी जितेंद्र भाटिया से विस्तृत वार्ता की।
वार्ता में जिन प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी, उनमें शामिल हैं—
- पहले चरण में परियोजना से निकाले गए श्रमिकों के न्यायालय के विचाराधीन मामलों को समाप्त कर पुनः नियुक्ति दी जाएगी।
- प्रभावित क्षेत्र में कार्यस्थल के पास संघर्ष मोर्चा को कार्यालय हेतु स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।
- परियोजना कार्य में अनुबंधित गाड़ियों व मशीनरी में प्रभावित काश्तकारों को प्राथमिकता मिलेगी।
- परियोजना में कुल नियुक्तियों में 70% पद प्रभावित क्षेत्र के स्थानीय काश्तकारों और बेरोजगारों को दिए जाएंगे।
इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा के बाद विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने भरोसा दिया कि प्रभावितों की समस्याओं को प्राथमिकता से सरकार के सामने रखा जाएगा और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर त्वरित समाधान की दिशा में कार्य होगा।
संतोषजनक आश्वासन मिलने पर संघर्ष मोर्चा ने सर्वसम्मति से आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया। हालांकि मोर्चा पदाधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि यदि तय समयावधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो आंदोलन फिर से तेज किया जाएगा।
प्रभावित काश्तकारों व बेरोजगारों ने विधायक के हस्तक्षेप को सकारात्मक पहल बताया, साथ ही कहा कि वादों के पालन तक निगरानी जारी रहेगी।
धरना स्थगन के मौके पर मौजूद रहे प्रमुख लोग—
ब्लॉक प्रमुख जौनपुर सीता पंवार, जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह रावत, प्रधान सुंदर सिंह चौहान, आनंद रावत, सीमा देवी, कुसुम राणा, राखी देवी, अनिल पंवार, गोविंद राम, संयोजक महीपाल सजवाण, महेंद्र सिंह पुँडीर, प्रेम सिंह रावत, राकेश रावत, आनंद तोमर, संदीप तोमर, राजेश सजवाण, जयपाल राणा, सब्बल सिंह राणा, सुरेश रावत, संदीप रावत, धीरज रावत, जगत लाल डोगरा, उत्तम रावत, राहुल रावत, दयाल तोमर, मदन पंवार, सोबत सिंह तोमर, प्रतीक रावत, ऋषभ रावत, प्रदीप भंडारी, शेर सिंह, राजेंद्र तोमर, कपिल तोमर, अजवीर रावत, सचिन तोमर, शूरवीर तोमर समेत अनेक प्रभावित काश्तकार और मातृशक्ति उपस्थित रही।


Recent Comments