मसूरी : तिलक लाइब्रेरी मसूरी में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 166वीं जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और देश के लिए उनके योगदान को याद किया गया. वहीं स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद को भी उनके जन्मदिन पर याद किया गया और उनके योगदान की सराहना की गई.
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर तिलक मैमोरियल लाइब्रेरी में आयोजित कार्यक्रम में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि तिलक ने देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराने के लिए क्रांति का मार्ग दिखाया। दूसरी ओर, वक्ताओं ने स्वतंत्रता में चंद्रशेखर आजाद के योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि उन्होंने अंग्रेजों को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया। इस अवसर पर आह्वान किया गया कि लोकमान्य तिलक और चंद्रशेखर के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके बताए मार्ग पर चलकर ही देश को आगे बढ़ाया जा सकता है। कार्यक्रम में उनके जीवन की आदर्श घटनाएं और संस्मरण सुनाए गए।
इस अवसर पर तिलक मेमोरियल लाइब्रेरी के सचिव राकेश अग्रवाल, सोहम हिमालयन सेंटर के संस्थापक समीर शुक्ला, उपाध्यक्ष आलोक मेहरोत्रा, सतीश ढौडियाल, डा. हरिमोहन गोयल, बिद्रा व आशा आदि उपस्थित थे.

