उत्तराखंड सरकार ने साडा का विलय एमडीडीए में कर दिया है जिसे बाद देहरादून जिले के पर्वतीय क्षेत्र के चकराता कालसी व त्यूणी तहसीलों के 38 गांवों को भी एमडीडीए में शामिल कर दिया गया है।

जैसा की आपको विदित हो चकराता को न्यू टाऊनशिप बनाने के उद्देश्य से इस छेत्र को अब एमडीडीए के अधीन कर दिया गया है और अब यहाँ पर सारे काम एमडीडीए के माध्यम से होंगे, अगर किसी को घर बनाना है तो देहरादून की तरह पहले एमडीडीए से मकान का नक्शा एमडीडीए से पास करवाना पड़ेगा, अभी ये राजस्व गांव राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राज्यमार्ग के मध्य दोनों तरफ 200 मीटर क्षेत्र के अंतर्गत हैं। अब इसके कितने फयदे ओर नुक्सान है ये तो समय ही बताएगा।

कैबिनेट की चार जून को हुई बैठक में साडा का विलय एमडीडीए में करने का निर्णय लिया गया था। इस सिलसिले में शासन ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर दी। आवास सचिव नितेश कुमार झा की ओर से निर्गत अधिसूचना के अनुसार साडा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग व राज्य राज्यमार्ग के मध्य दोनों तरफ 200 मीटर क्षेत्र के राजस्व गांवों को भी एमडीडीए में शामिल किया गया है। इसमें चकराता, कालसी व त्यूणी तहसीलों के 38 राजस्व गांव भी अधिसूचित किए गए हैं। इन गांवों में भी अब एमडीडीए के नियम कायदे लागू होंगे।

अधिसूचना के मुताबिक छावनी परिषद को छोड़कर देहरादून जिले के सभी नगर निगम, नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों का क्षेत्र अब एमडीडीए में सम्मिलित होगा।

अभी कानूनी स्थिति तो यह है कि बाहरी शख्स इस ट्राइबल इलाके में जमीन नहीं खरीद सकता, पर जैसे सरकारी बयान आ रहे हैं कि इस नयी टाऊनशिप में भू उपयोग(लैंड यूज) से लेकर वन कानूनों में संशोधन किया जायेगा, तो स्थिति स्पष्ट हो जाती है कि इस शांत और जनजाति इलाके में बाहरी पूंजीपतियों का दखल बढेगा।

तीन तहसीलों के ये गांव हुए शामिल

कालसी :- हरीपुर, व्यासनहरी, तिलवाड़ी, लूहन, लांछा (नागथात बाजार), कालसी, व्यासभूड, नेवी (सहिया बाजार), उदपाल्टा, खेरुवा व कोटी (कॉलोनी)
चकराता :- माखटी (माखटी पोखरी बाजार), ढूंगरा (पुरोड़ी बाजार), ठाणा (पुरोड़ी बाजार), जाड़ी, कोटी कनासर, त्यूना, सैज, कोरुवा, जोगियो (क्वांसी बाजार), पुनाह पोखरी, चामा, धौरा पुडिय़ा, लाखामंडल, मैलोथ क्वानू, मझगांव क्वानू व कोटा क्वानू
त्यूणी :- फेडिज, हटाल, अणु, रायगी (त्यूनी बाजार), बृनाड बास्तिल (त्यूणी बाजार गेट), मैंद्रथ, हनोल, चातरा, दाड़मीगाड, मंद्रोली व सिलावड़ा