देहरादून , PAHAAD NEWS TEAM

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शिविर कार्यालय में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की. इस दौरान प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योग उपलब्ध कराने, ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म स्तर के उद्यमियों को विकसित करने, प्रदेश में स्थापित औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण का मैकेनिज्म विकसित करने जैसे विषयों पर मंथन किया गया . बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को अगले 10 दिनों के भीतर कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.

बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश की मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के उत्पादन को बढ़ावा देने, पहाड़ी क्षेत्रों में क्लस्टर आधारित औद्योगिक संस्थान विकसित करने और नई सोच के साथ काम करने की रणनीति पर मंथन किया. विभागीय अधिकारियों ने उद्योग मंत्री को अपनी ओर से की जा रही कार्रवाई से अवगत कराया। इस दौरान मंत्री ने अगले 10 दिनों में प्राथमिकता के हिसाब से कार्ययोजना तैयार करने की बात कही.

पहाड़ी क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ाने पर जोर

उद्योग मंत्री ने सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए कि वह पहाडिय़ों पर औद्योगिक गतिविधियां देखना चाहते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय रूप से उपलब्ध कच्चे माल के आधार पर क्लस्टर आधारित लघु औद्योगिक इकाइयों का विकास किया जा सकता है। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित कर पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीयता के आधार पर संबंधित औद्योगिक गतिविधियां को प्रारंभ करने के निर्देश दिए । वहीं, अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के सभी 13 जिलों में मौजूद औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को विकसित कर लिया गया है और उद्योग स्थापित करने के लिए निजी निवेशकों को भूखंड आवंटित करने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा चुके हैं .

औद्योगिक विकास योजना 2017 को बढ़ाने की मांग

बैठक में मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को कोरोना के कारण औद्योगिक विकास योजना 2017 (आईडीएस 2017) के तहत उद्योगों को दी जा रही विभिन्न छूटों को और बढ़ाने की मांग तत्काल प्रेषित करने के निर्देश दिए . राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने तथा पहले से चल रहे उद्योगों को विस्तार के अवसर प्रदान करने के दृष्टिगत सीडा के प्रावधानों के अनुसार डेवलपमेंट चार्जेज निर्धारित किए जाने तथा अन्य आवश्यक नीतिगत सुधारों पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश उद्योग मंत्री द्वारा अधिकारियों को दिए गए . इसके अलावा उद्योग जगत से जुड़ी समस्याओं के समाधान में तेजी लाने और उद्योग के अनुकूल माहौल बनाने के लिए उद्योग प्रतिनिधियों और सरकार के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी।