खबर उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार से है जहाँ रुड़की तहसील क्षेत्र में मिट्टी के खनन का अवैध धंधा प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में इतना फल-फूल रहा है कि खनन माफिया खुलेआम अवैध मिट्टी का खनन कर भराव कर रहे हैं। जब स्थानीय लोगों या समाजसेवी लोगों द्वारा संबंधित अधिकारियों से इन अवैध खनन की शिकायत की जाती है तो मात्र तहसील प्रशासन यह कहकर पल्ला झाड़ लेता है कि अभी वह जांच कर लेंगे। लेकिन यह जांच कब तक होगी इसकी कोई बात नहीं होती । यही कारण है कि स्थानीय लोगों का अब तहसील प्रशासन से भरोसा उठ गया है और लोगों को मात्र अवैध खनन रुकवाने को लेकर अधिकारियों की उदासीनता के चलते एक याचिका हाईकोर्ट तक डालने को मजबूर होना पड़ा। जिसके बाद तहसील प्रशासन ने अपने गले में फंदा लटकता देख तुरंत ही खनन माफियाओं के कारोबार को बंद कराते हुए उनके खिलाफ अभियान शुरू कर दिया । लेकिन यह अभियान भी ज्यादा दिनों तक चलने वाला नहीं है क्योंकि तहसील प्रशासन इतना भ्रष्ट हो चुका है कि वह बिना साठगांठ के काम करने को राजी नहीं है चाहे वह शिक्षा हो विकास कार्य हो या अन्य किसी भी क्षेत्र से जुड़ा मुददा क्यों न हो वही आपको बता दें कि तहसील प्रशासन के पहुंचते ही खनन माफिया अपने वाहनों के साथ रफूचक्कर हो गए और ऐसी भगदड़ में एक डंपर ने चलती विद्युत लाइन को भी तोड़ डाला जिस से कई लोग अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागे । वहीँ इस दौरान तहसीलदार नंदन कुमार ने मामले में जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
लंबे समय से अनदेखी कर रहा था प्रशासन, जारी था खनन माफियाओं का तांडव, अब शुरू हुई कार्रवाई

