आड़ू की चाट, गीत संगीत और माल्टा रस के साथ हुआ आड़ू-प्लम-खुमानी की बात का समापन
देहरादून। पहाड़ के शुध्द वातावरण में हो रहे फल का एक बड़ा बाजार है लेकिन जब लाखो पर्यटकों का बाजार हर साल हम तक आता है तब उस दौरान होने वाले फलों आड़ू-प्लम-खुमानी का व्यवस्थित बाजार हम नहीं बना पाए है इसलिए धाद ने इस सवाल के पक्ष में सामाजिक पहल करने का बीड़ा उठाया है धाद के सचिव तन्मय ने समापन आयोजन के अवसर पर यह बात कही।
धाद के हरेला गांव अध्याय की समृद्ध और खुशहाल पहाड़ के निमित्त स्टोन फ्रूट के पक्ष में पंद्रह दिन का आयोजन गीत संगीत, माल्टा के रस,आड़ू की चाट और मजेदार बातों के साथ स्मृति वन में पूरा हुआ. उन्होंने बताया कि 30 मई को नैनबाग में कुंदन सिंह पंवार के बागीचे के साथ प्रारम्भ हुए कार्यक्रम में विशेषज्ञ विमर्श के साथ अलग अलग किसानो से बातचीत, मांगपत्र और शासन से पैरवी के बाद हमने उत्तरखंड हिमालय में पिछले साल शुरू की गयी स्टोन फ्रूट की पक्षधरता में एक कदम और आगे बढ़ाया है.
रंगकर्मी मीनाक्षी जुयाल,सुदीप जुगरान के साथ ओपन माइक में लोगों ने अपने किस्से साझा किये और गीत भी प्रस्तुत किये।
उद्यान पंडित बीरबान सिंह रावत ने कहा मौजूदा परिस्थितियों में जब पहाड़ में मौसम बदलाव पानी और श्रम की उपलब्धता जैसे कई चुनौतियाँ है तब स्टोन फ्रूट की बागवानी एक बेहतर विकल्प है जिसमे पहाड़ की बागवानी का भविष्य बन सकता है.
आड़ू प्लम खुमानी की बात कार्यक्रम का संयोजन कर रहे हरेला गांव के साथी नीलेश ने बताया कि अलग अलग पक्षों के साथ मिलने के साथ बनी उसकी समझ को यहाँ से आगे ले जाने की जरुरत है.और हम इसके लिए संकल्प लिए हुए है जिसे हम जरूर पूरा करेंगे।
अध्यक्षीय सम्बोधन करते हुए धाद के पूर्व अध्यक्ष हर्षमणि व्यास ने कहा कि जिस तरह धाद के माल्टा अभियान को पहले समाज और फिर सरकार की स्वीकार्यता मिली उसी तरह स्टोन फ्रूट की पहल को भी अंजाम मिलेगा। हमारे प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बातचीत में हमे उम्मीद है जल्द बेहतर परिणाम आएंगे।
इस अवसर पर राजेश्वरी कठैत,डॉ ए.एस. कठैत, सुरेंद्र बिष्ट, विजया रावत,देवेंद्र कांडपाल, मंजीत सिंह,रमेन्द्र कौर,नरेंद्र रावत, मनोहर लाल, दयानन्द डोभाल, सुरेन्द्र अमोली,नितिन चमोली, निमेष बैनी,
मंजीत सिंह,मीनू डबराल, रवि गुप्ता, एम एस बहुगुणा रेखा बहुगुणा,ग्रुप कैप्टेन मनमोहन सिंह रावत, रुचिका रावत,अतेंद्र व्यास, आकृति, हेमवती नन्दन व्यास, हरी शंकर जोशी, एच. वी. वर्मा,विजया रावत हिमांशु अवस्थी रेखा अवस्थी धर्म सिंह अनिमेष गुप्ता,
नीना रावत,आशा डोभाल,बीना रावत,ममता डोभाल,बीरेंद्र खंडूरी,साकेत रावत,बृज मोहन उनियाल,अर्चना ग्वाड़ी,प्रशांत रतूड़ी,कांति ग्वाड़ी,प्रदीप डिमरी,सुरेश कुकरेती,सुशीला गुसाईं,कंचन बुटोला,
मौजूद रहे

