चमोली , PAHAAD NEWS TEAM

शीतकालीन राजधानी भराड़ीसैंण गैरसैंण को सीधे तौर पर जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित बूंगीधार-मैहलचौरी-तलवाड़ी का निर्माण कार्य स्वीकृति के 57 वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो पाया है. जिससे आज भी गैरसैंण और पिंडर घाटी के लोग अपने महत्वपूर्ण कार्यों के लिए कई मील अतिरिक्त यात्रा करके एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र की यात्रा करने को मजबूर हैं।

बताया जाता है कि पिंडर घाटी से गैरसैंण घाटी को मोटर रोड से सीधे जोड़ने के लिए वित्तीय वर्ष 1975-76 में गैरसैंण से गाजियाबाद विनायक होते हुए तलवाड़ी तक 30 किमी मोटर सड़क के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत गैरसैंण की ओर से 24 किमी विनायक तक 24 किलोमीटर मोटर रोड का काम पूरा हो चुका है। जबकि तलवाड़ी की ओर से राइका तलवाड़ी तक 2 किमी सड़क पिछले डेढ़ दशक पहले बनकर तैयार हो चुकी है। तब से अब तक करीब तीन किमी निर्माण कार्य ही शेष रह गया है। इस मोटर रोड के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए दोनों क्षेत्रों के लोग सरकार और प्रशासन से लगातार मांग कर रहे हैं. इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया है।

गैरसैंण-तलवाड़ी बहुप्रतीक्षित मोटर सड़क के निर्माण को पूरा करने के लिए अब दोनों क्षेत्रों के लोगों ने तलवाड़ी विकास संघर्ष समिति और खंसर विकास संघर्ष समिति का गठन किया है. पिछले माह दोनों समितियों की विनायक धार में खंसर समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में हुई थी. जिसमें मोटर सड़क निर्माण के लिए एक मंच पर आकर संयुक्त रूप से संघर्ष करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। संघर्ष को गति देने के लिए एक संयुक्त संघर्ष समिति का भी गठन किया गया। जिसमें अध्यक्ष के रूप में महिपाल सिंह बिष्ट , उपाध्यक्ष के रूप में दर्शन सिंह बिष्ट और सैन सिंह नेगी, सचिव के रूप में नारायण सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष के रूप में खिलाप सिंह रावत एवं भागवत सिंह रावत , सह सचिव के रूप में गोपाल प्रसाद उप्रेती, खिलाप सिंह रावत व चतुर सिंह बिष्ट व खिलाप सिंह रावत को संगठन सचिव एवं राकेश चौहान को संरक्षक चुना गया है।