चंपावत : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चंपावत दौरे पर हैं. सबसे पहले सीएम धामी ने खटीमा में हर घर तिरंगा यात्रा में हिस्सा लिया. जिसके बाद सीएम धामी देवी वाराही के धाम देवीधुरा पहुंचे (सीएम पुष्कर सिंह धामी वरही धाम देवीधुरा पहुंचे)। सीएम ने देवीधुरा के खोलीखांड दुबाचौड़ में मनाए गए बग्वाल में शिरकत की. आपको बता दें कि देवीधुरा में बगवाल को फलों और फूलों के साथ मनाया जाता है। इसमें चारखाम (चम्याल, गहड़वाल, लमगड़िया, वालिग) और सात थोक के योद्धा भाग लेते हैं।
सीएम पुष्कर सिंह धामी बग्वाल में शामिल हुए (सीएम पुष्कर सिंह धामी बग्वाल में शामिल हुए)। शुभ मुहूर्त के अनुसार दोपहर एक बजे बग्वाल की शुरुआत हुई। गहड़वाल खाम के योद्धाओं ने भगवा पहना, चम्याल खाम के योद्धाओं ने केसरिया, चम्याल खाम के योद्धाओं ने गुलाबी, वालिग खाम के सफेद और लमगड़िया खाम के योद्धाओं ने पीले रंग के साफे पहनकर बग्वाल में भाग लिया।
देवीधुरा बग्वाल का इतिहास: टनकपुर से 132 किमी दूर मां बाराही देवी का धाम चंपावत जिले के पाटी प्रखंड के देवीधुरा में स्थित है. यहां खोलीखाण दुबाचौड़ में हर साल आषाड़ी कौतिक (रक्षाबंधन) के दिन बग्वाल होती है। पत्थरों से होने वाली यह बग्वाल अब बीते कुछ सालों से फल-फूलों से खेली जाती हैं।
मान्यता है कि देवीधुरा में बग्वाल का यह खेल पौराणिक काल से खेला जा रहा है। कुछ इसे कत्यूर शासन से आने वाला एक पारंपरिक त्योहार मानते हैं, जबकि कुछ अन्य इसे काली कुमाऊं से जोड़ते हैं। प्रचलित मान्यताओं के अनुसार पौराणिक काल में चार खामों के लोगों में आराध्य बाराही देवी को मनाने के लिए पुरुष बलि चढ़ाने की प्रथा थी। बाराही माता को प्रसन्न करने के लिए हर साल चारों खाम के लोगों की ओर से एक नर बलि दी जाती थी ।

