चंपावत : 56 करोड़ की लागत से 106 बीघा में बनेगा आईएसबीटी , पर्यटकों व मां पूर्णागिरी के श्रद्धालुओं को मिलेगा लाभ.
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जिले के दौरे के दूसरे दिन रविवार को टनकपुर में बनने वाले आईएसबीटी टर्मिनल की भूमि का निरीक्षण किया. परिवहन निगम की 106 बीघा भूमि पर 56 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जाएगा। भूमि के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चंपावत को निर्देश दिया कि आईएसबीटी का निर्माण सुंदर तरीके से कराएं और तीर्थयात्रियों व यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएं.
इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी से पेयजल निर्माण निगम द्वारा बनवाई गई डीपीआर व मानचित्र का विस्तार से अवलोकन करते हुए आवश्यक जानकारी ली. इस दौरान सीएम ने डीएम से कई विकास कार्यों की जानकारी ली और शारदा घाट पर नियमित रूप से सुंदर ढंग से आरती कराने के भी निर्देश दिए.
इस दौरान बताया गया कि पेयजल निर्माण निगम ने आईएसबीटी के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर ली है. इसके लिए सरकार ने करीब 56 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। लंबी दूरी की बसों के अलावा टनकपुर बस अड्डे से पर्वतीय मार्गों पर भी बसें चलती हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि बस टर्मिनल बनने के बाद यहां एक साथ करीब 200 बसें खड़ी हो सकेंगी। वहीं, स्टेशन में हाईटेक शौचालय और भवनों का निर्माण भी किया जाएगा।
यात्रियों की हर सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस नए बस अड्डे का निर्माण किया जाएगा। दो बड़े एसी हॉल के साथ ही कैंटीन और दुकानें भी खुलेंगी. वहीं तीन बीघा जमीन में बस अड्डे के पास मुख्य बाजार व रेलवे क्रासिंग के पास अंडरग्राउंड पार्किंग व ऊपर मॉल बनाया जाएगा। इसके बनने के बाद यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और डिपो की आमदनी भी काफी बढ़ जाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने जिलाधिकारी से कहा कि पैसे का सदुपयोग किया जाए। बस टर्मिनल में अधिक से अधिक सुविधाएं हों, बच्चों के मनोरंजन के साथ-साथ विभिन्न सुविधाएं यहां हों, ताकि उसकी डिजाइन किसी अच्छे आर्किटेक्ट द्वारा तैयार की जाए। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि शारदा घाट पर बेहतर व्यवस्था की जाए। अधिक से अधिक श्रद्धालु यहां आएं, ताकि लोगों को रोजगार मिले और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिले।
उन्होंने कहा कि बस टर्मिनल बनने के बाद लोग मां पूर्णागिरी के दर्शन कर वापस नहीं जाएंगे। बल्कि अन्य स्थानों का भ्रमण करने के बाद मां शारदा की आरती उतारकर अपने घरों को लौटेंगे. आने वाले समय में मां पूर्णागिरी में भक्तों की संख्या 50 लाख के पार पहुंच जाएगी।
वन विकास निगम अध्यक्ष कैलाश चंद्र गहतोड़ी, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, सीडीओ आर एस रावत, नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय केएस बृजवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक संचालन पवन मेहरा, एसडीएम रिंकू बिष्ट, सुंदर सिंह आदि मौजूद थे।

