देहरादून : लखवाड़ बांध विकास एवं श्रम समिति द्वारा किसानों की मांगों के समाधान के संबंध में उत्तराखंड सरकार के ऊर्जा सचिव मीनाक्षी सुंदरम के साथ बैठक हुई जिसमें जल विद्युत निगम के प्रबंधक निदेशक संदीप सिंघल,जल विद्युत, विधायक धनोल्टी प्रीतम पंवार, जिला टिहरी गढ़वाल के एडीएम प्रशासन के साथ बैठक की, जिसमें किसानों की मुख्य मांगों पर चर्चा हुई. लखवाड़ बांध के उपाध्यक्ष संदीप चौहान ने सचिव को 2013 की पुन र्स्थापना नीति के बारे में बताया और भूमि के एवज में भूमि की मांग एवं नवीन भूमि के अधिग्रहण के संबंध में भी सुझाव दिये गये, जिसमें स्थायी रोजगार के संबंध में सचिव ऊर्जा ने जल विद्युत निगम को शेष सीटों को रिक्त करने एवं नये पदों को विसर्जित करने के निर्देश दिये.

यह भी निर्णय लिया गया कि लखवाड़ बांध के लिए अलग से एडीएम स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जिसके लिए जल विद्युत निगम अपना प्रस्ताव ऊर्जा सचिव को भेंजे और अनुदान की राशि किसानों को दी जाएगी.

उसके लिए भी राजस्व अधिकारियों व जल शक्ति निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर शासन को अनुग्रह अनुदान राशि की मांग भेजी जाए। बैठक में समिति के महासचिव जितेंद्र चौहान ने कहा कि देहरादून जिले के जिन किसानों को पूर्व में परियोजना के तहत मुआवजा मिला है, उन्हें अलग-अलग दरों पर मुआवजा दिया गया है और धनोल्टी तालुक के प्रभावित गांवों को भी मुआवजा दिया गया है. कालसी तहसीलें विभिन्न दरों पर प्राप्त हुई हैं

वह भी समानान्तर दर पर हम सब को वापस मिल गया और जो संपत्ति पहले बनी थी लेकिन 30 साल के बंद होने के बाद आज नहीं है, उसका मूल्यांकन निर्माण से पहले आए सिंचाई विभाग के आधार पर किया गया। लेकिन वह भी किसानों को दिया जाए और टिहरी गढ़वाल जिले के अंतर्गत आने वाले कुनव राणोगी गांव को भी विस्थापित किया जाए, जो पूरी तरह से विस्थापित गांव है.

इस बैठक में समिति अध्यक्ष बचन सिंह पुण्डीर, समिति के संयोजक डॉ श्री वीरेंद्र सिंह रावत व उपाध्यक्ष अनिल पंवार, अजीत चौहान,महिपाल सिंह सजवाण,सुखपाल सिंह तोमर लोहारी आदि मौजूद रहे.

पांच दिवसीय धेनु मानस गो कथा का आयोजन टिहरी में होगा , तैयारियां जोरों पर