देहरादून: शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री, रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना तकनीक अश्विनी वैष्णव से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिष्टाचार भेंट की। उत्तराखंड में मोबाइल नेटवर्क को मजबूत करने के मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड में बीएसएनएल के 1202 मोबाइल टावरों को मंजूरी दी. प्रत्येक मोबाइल टावर की लागत एक करोड़ रुपये होगी। मुख्यमंत्री ने टनकपुर-देहरादून के बीच जनशताब्दी रेल सेवा शुरू करने का भी अनुरोध किया। रुड़की-देवबंद रेल परियोजना के संबंध में राज्य सरकार द्वारा अब तक भुगतान की गई 296.67 करोड़ की अंशदान राशि को अंतिम रूप देते हुए 50 प्रतिशत अंशदान के विरूद्ध शेष 99.01 करोड़ की बकाया राशि का भुगतान करने से राज्य सरकार को मुक्त करने का भी आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ने के लिए देहरादून-काठगोदाम के बीच केवल एक ट्रेन सेवा चल रही है. नेपाल सीमा होने के कारण टनकपुर से ही वहां लोगों की आवाजाही रहती है। इसलिए कुमाऊं-गढ़वाल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए टनकपुर-देहरादून रूट पर जनशताब्दी रेल चलाना जनहित में जरूरी है।

टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को नेरोगेज की जगह ब्रोडगेज बनाये जाने, हरिद्वार- देहरादून रेल लाइन को डबल लेन बनाने, हर्रावाला रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण, ऋषिकेश -उत्तरकाशी रेल लाइन तथा किच्छा – खटीमा रेल लाइन के निर्माण हेतु भी मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया . जिसके संबंध में रेल मंत्री ने सहमति व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने टनकपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली पूर्णागिरी जनशताब्दी की यात्रा अवधि को कम कर यात्रा को 05-06 घंटे में पूरा करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि रुड़की-देवबंद रेल परियोजना के संदर्भ में राज्य सरकार द्वारा पूर्व में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत वहन करने हेतु प्रदत्त सहमति के क्रम में कुल परियोजना लागत रूपये 791.39 करोड़ के सापेक्ष उत्तराखण्ड राज्य द्वारा अब तक रूपये 296.67 करोड़ का अंशदान रेलवे को दिया जा चुका है।

उत्तराखंड जैसे छोटे और पहाड़ी राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रेल मंत्री को राज्य सरकार की ओर से अब तक प्रदत्त अंशदान की धनराशि को अंतिम करते हुए 50 प्रतिशत अंशदान के सापेक्ष शेष देय धनराशि 99.01 करोड़ का भुगतान करने से राज्य सरकार को मुक्त करने का अनुरोध किया।