देहरादून: ईएमई कोर सेवानिवृत्त गैर-राजनीतिक सैन्य संगठन उत्तराखंड ने ईएमई कोर का चौथा और 80वां स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया। इस कार्यक्रम में सेवानिवृत्त, सेवारत सैन्य इंजीनियरों और उनके परिवारों को संगठन द्वारा सादर आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों ने अपने दोस्तों, सहकर्मियों और उनके साथ बिताए जीवन की मीठी यादों को अपने परिवार के साथ साझा किया।

इस अवसर पर वर्ष 2021-22 में ईएमई कोर के उन 10 वरिष्ठ सैनिक अभियंताओं, वर्ष 2021-22 बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंकों से उत्तीर्ण होनहारों, प्रतिभावान छात्र छात्राओं, केंद्रीय और प्रादेशिक प्रशासनिक सेवा क्लास वन अधिकारी में चयनित युवाओं, उत्कृष्ट सेवा देने वाले सेवानिवृत्त सैनिक अभियंताओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम में उत्तराखंड लोक संगीत, कला रंगमंच के लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं।

संगठन के संस्थापक व संरक्षक वयोवृद्ध आरएन असवाल ने सरकार को बताया कि संगठन ने पूर्व में पत्राचार के माध्यम से राज्य सरकार से अपील की है कि यदि राज्य सरकार देव वीरभूमि में हमारे पूर्वजों की धरोहर विरासत पर्यावरण की रक्षा भय मुक्त व सुरक्षित वातावरण देने की इच्छा शक्ति रखती रखती है अगर ऐसा है तो राज्य में जल्द ही सख्त भूमि कानून लागू किया जाए।

इसके अलावा सेवानिवृत्त सैनिकों का कहना है कि राज्य में लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षाओं में अनियमितता, इन घोटालों में शामिल बेईमान और अनुशासनहीन अधिकारियों, कर्मचारियों और नेताओं और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. इसके अलावा पूर्व सैनिकों ने मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग भी की है। ताकि बेरोजगार शिक्षित युवाओं को न्याय मिल सके।