देहरादून : शनिवार को राजभवन के सामने धरने के बाद वहां सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई है. राजभवन और मुख्यमंत्री आवास आने जाने वाले रास्तों पर बेरिकेड्स लगाने के साथ ही धारा 144 लागू कर दी गई है. कांग्रेस ने इसे सरकार की नीयत में खोट बताया है और कहा है कि संविधान ने विपक्ष को धरने-प्रदर्शन के जरिए अपनी किसी भी बात को सामने रखने की इजाजत दी है.

कांग्रेस का कहना है कि पलटवार करने का यह क्या तरीका है। अगर विपक्षी पार्टी है और राज्य में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, जब राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गई है और बेटियों की इज्जत सुरक्षित नहीं है तो विपक्ष विरोध कैसे करेगा? उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में 52 दिनों तक अनशन करने के बाद जब सरकार के किसी प्रतिनिधि ने वहां पहुंचने की जहमत नहीं उठाई तो उन्होंने राजभवन जाकर गुहार लगाने का फैसला किया, जब सरकार उनकी मांगों को नहीं सुन रही थी.

कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी का कहना है कि राजभवन के सामने धरने पर बैठने के लिए केवल 5 लोग आए थे कि राज्यपाल संवेदनशील होंगे और उनकी भावनाओं को समझेंगे. लेकिन प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अब प्रशासन ने राजभवन और मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि जिनके दिमाग और नीतियों में खामियां हैं, वे इसी तरह बंद रहना पसंद करते हैं. वहीं भाजपा के मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने मुख्यमंत्री आवास और राजभवन की सुरक्षा बढ़ाने के बारे में कहा कि प्रोटोकॉल के तहत यह व्यवस्था पहले से ही चल रही है. इसलिए व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि अवांछित तत्व वहां न पहुंच सकें।

बता दें कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर शनिवार को राजभवन के सामने धरना दिया गया था. अति संवेदनशील इलाके में भीड़ की पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई। ऐसे में डीजीपी के निर्देश पर एसएसपी ने वहां सुरक्षा कड़ी कर दी है, ताकि कोई भी बिना चेकिंग के वहां न पहुंच सके. इसके साथ ही अब बैरिकेड्स लगाकर पुलिस की तैनाती कर दी गई है। अगर वहां 5 या 5 से ज्यादा लोग खड़े मिले तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।