मसूरी : दिल्ली एमसीडी 2022 के चुनाव परिणाम के मुताबिक, आम आदमी पार्टी ने देश की राजधानी दिल्ली में बीजेपी के 15 साल के नगर निगम नियंत्रण को उखाड़ फेंका है. इसे लेकर पार्टी के सदस्यों में उत्साह का माहौल है. आप सदस्यों ने उत्तराखंड के मसूरी में इस जीत का जश्न मनाया. पहले रुझानों में आप और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर थी, लेकिन दोपहर होते-होते आम आदमी पार्टी बीजेपी को पीछे छोड़ चुकी थी. बता दें कि दिल्ली एमसीडी की सभी 250 सीटों पर वोटों की गिनती हो चुकी है.
मसूरी में भी आप कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया। दिल्ली नगर निगम चुनाव में 1 34 सीटों पर जीत दर्ज करने वाली आप पार्टी के कार्यकर्ता जिला प्रवक्ता प्रकाश राणा के नेतृत्व में शहीद भगत सिंह चौक पर इकट्ठा हुए और आतिशबाजी कर जश्न मनाया।
इस मौके पर उन्होंने आप पार्टी जिंदाबाद, केजरीवाल जिंदाबाद के नारे लगाए। इस मौके पर जिला प्रवक्ता प्रकाश राणा ने कहा कि दिल्ली नगर निगम मैं आप पार्टी को जीता कर दिल्ली की जनता ने आप पार्टी के शिक्षा, स्वास्थ्य मॉडल पर अपनी मोहर लगाई है। उन्होंने कहा कि आप पार्टी का जनाधार पूरे देश में तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले समय में अन्य जगह पर भी आप पार्टी जीत दर्ज करेगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल के नेतृत्व में जहां दिल्ली की जनता को 24 घंटे मुक्त बिजली उपलब्ध हो रही है। वहां शिक्षा , स्वास्थ्य के मॉडल को अन्य राज्य भी अपना रहे हैं। यही कारण है कि निगम चुनाव में भी जनता ने केजरीवाल नेतत्त्व पर भरोसा जताया है। इस मौके पर आप की महिला मोर्चा की मसूरी विधानसभा अध्यक्षा कुमारी नफीस बानो, हरपाल खन्नी , विक्रम सिंह रावत, नरेश कुमार,, विनोद शाह, सुरेंद्र रावत , जय गोपाल, अंजलि डडोलिया आदि उपस्थित थे।
किसे कितनी सीटें अभी तक
AAP ने 134 सीटों के साथ बहुमत का आंकड़ा पार किर लिया है. इसे लेकर उत्साहित आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड के मसूरी में जश्न मनाया. बीजेपी ने 97 सीटें, कांग्रेस ने 7 सीटें और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 3 सीटें जीतीं हैं. वहीं कांग्रेस की हालत काफी खराब रही। .
2017 के विजेता
2017 के दिल्ली नगर निगम चुनाव के शुरुआती दौर में 270 सीटें उपलब्ध थीं। इनमें से बीजेपी ने 181, आम आदमी पार्टी ने 48 और कांग्रेस ने 30 सीटें जीतीं। आम आदमी पार्टी इस बार या 2022 में एकमात्र बड़ी पार्टी बन गई है। जहां सीटें कम हुई हैं, वहीं बीजेपी के वोट शेयर में बढ़ोतरी हुई है। 1349 उम्मीदवार इस बार कार्यालय के लिए दौड़ रहे थे। इस चुनाव का अनोखा पहलू यह है कि सबसे अधिक संपत्ति वाले तीनों उम्मीदवार हार गए।

