स्टांप शुल्क चोरी के 47 केस चिन्हित, प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

विकासनगर। जिलाधिकारी सविन बंसल ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय विकासनगर में औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। निरीक्षण के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

औचक निरीक्षण के दौरान वर्ष 2018 से लेकर 2025 तक के मूल विलेख पत्र संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए, जिन्हें तत्काल कब्जे में लेकर जब्त कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में प्रतिबंधित भूमि की रजिस्ट्री की गई है, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

जांच के दौरान स्टांप शुल्क की चोरी से जुड़े 47 मामले भी चिन्हित किए गए हैं, जो धारा 47-ए के तहत गंभीर वित्तीय अनियमितता माने जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों में विधिक कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा कार्यालय के संचालन में पारदर्शिता की कमी, अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही और प्रक्रियाओं के उल्लंघन जैसी कई अन्य खामियां भी सामने आई हैं। इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच कर समग्र रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे शासन को भेजा जाएगा।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि वर्तमान और पूर्व में तैनात सभी सब-रजिस्ट्रार के कार्यकाल की गहन जांच की जाए। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रशासन ने दो टूक कहा है कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पारदर्शी व जवाबदेह व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। निरीक्षण के दौरान अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।