चमोली : जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मंगलवार को बदरीनाथ धाम पहुंचकर चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने बद्रीनाथ मास्टर प्लान के तहत हो रहे पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले टोकन काउंटर, क्यू मैनेजमेंट सिस्टम, वैटिंग रूम, सूज स्टैंड तथा मंदिर परिसर की ओर जाने वाली आंतरिक सड़कों की मरम्मत की जाए और सड़क के किनारे रेलिंग और साइनेज लगाए जाएं. बिजली, पेयजल, शौचालय सहित अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करें। मंदिर परिसर के आसपास निर्माण मलबे को साफ किया जाना चाहिए। ताकि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस दौरान जिलाधिकारी ने मास्टर प्लान में विस्थापित दुकानदारों के लिए नवनिर्मित दुकानों का भी निरीक्षण किया.

बद्रीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास की अलग-अलग व्यवस्था है। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए कतार प्रणाली, पूजा के लिए टोकन प्रणाली और पूछताछ केंद्र मंदिर में स्थापित किए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा चारधाम यात्रा को लेकर सभी तैयारियां सुनिश्चित की जा रही है।

बदरीनाथ में मास्टर प्लान के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने निर्माण संस्थाओं को पर्याप्त संख्या में मशीनें एवं अन्य संसाधन लगाकर निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया. चारधाम यात्रा को देखते हुए जिन कार्यों की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

इस दौरान उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, पीआईयू के अधिशासी अभियंता विपुल सैनी, आईएनआई के प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश कुमार, गावर कन्स्ट्रक्शन लि.के प्रोजेक्ट मैनेजर विनीत चौधरी, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित आदि मौजूद रहे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बरदीनाथ धाम को मास्टर प्लान के तहत तीन चरणों में विकसित किया जा रहा है. पहले चरण के कुछ काम लगभग पूरे हो चुके हैं। प्रथम चरण में अराइवल प्लाजा, बीआरओ बाईपास, लूप रोड निर्माण, शेष नेत्र व बदरीश झील का सौन्दर्यीकरण, आधुनिक तकनीकयुक्त अस्पताल का विस्तार और रिवर फ्रंट का विकास किया जा रहा है।दूसरे चरण में बदरीनाथ मुख्य मंदिर और उसके आसपास का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। वहीं, अंतिम चरण में मंदिर को शेष नेत्र झील से जोड़ने वाले आस्था पथ का निर्माण किया जाएगा।

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