देहरादून : राज्य में समग्र शिक्षा के अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में बीआरपी-सीआरपी के 955 रिक्त पदों को आउटसोर्स के माध्यम से भरा जायेगा, जिसके लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि वे नियमानुसार आउटसोर्स एजेंसी का चयन करें. स्कूल शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्रों को एक विषय में अंक सुधार का अवसर देने का प्रस्ताव अगली कैबिनेट में लाया जाएगा.
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्य सचिव के सभागार में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें मुख्य सचिव एवं वित्त सचिव सहित विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया. कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि राज्य और जिला स्तर के कार्यालयों में बीआरपी-सीआरपी के लगभग 955 रिक्त पदों को जल्द ही आउटसोर्स एजेंसी द्वारा संपूर्ण अनुशासन के तहत भरा जाएगा.इसके लिए विभागीय अधिकारियों को आउटसोर्स एजेंसियों के चयन के लिए शैक्षिक योग्यता तैयार करने और बीआरपी-सीआरपी के रिक्त पदों को नियमानुसार एक सप्ताह के भीतर भरने के निर्देश दिए हैं.
विभागीय मंत्री ने कहा कि विगत वर्षों में कई छात्र-छात्राएं एक विषय में कम अंक होने के कारण स्कूल शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा पास नहीं कर पाते थे, जबकि अन्य विषयों में अच्छे अंक प्राप्त करते थे.
इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में एक विषय में फेल होने वाले छात्रों के लिए मार्क करेक्शन सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है. अगली कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा। बैठक में स्कूली शिक्षा प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों को मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के तहत देने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए विभागीय अधिकारियों को अगले कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए गए.
शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि 31 मार्च से पहले राज्य में शिक्षा समीक्षा केंद्र स्थापित कर लिया जाएगा. इसके लिए कार्यदायी संस्था टीसीआईएल के पदाधिकारियों को निर्धारित समय में काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है। डॉ. रावत ने कहा कि राज्य के स्कूलों में छात्रों की संख्या 250 से अधिक है। हाइब्रिड मोड में वर्चुअल और आईसीटी लैब स्थापित की जाएंगी, जबकि बाकी स्कूलों में केवल आईसीटी लैब स्थापित की जाएंगी। शासन स्तर पर लंबित एससीईआरटी के तहत शिक्षक-शिक्षा संवर्ग के गठन के संबंध में अधिकारियों को शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए.
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधू, वित्त सचिव दिलीप जावलकर, सचिव राज्यपाल एवं विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव योगेन्द्र यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी, अपर निदेशक एवं प्रभारी निदेशक बेसिक शिक्षा आर.के. उनियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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