देहरादून। कल रात से लगातार बारिश हो रही है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। एसडीआरएफ कमांडेंट मणिकांत मिश्रा के निर्देशानुसार एसडीआरएफ की टीमें पूरी रात राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं और अभी भी जल भराव एवं वाहनों के बह जाने की सूचना के आधार पर बचाव कार्य जारी है।

कल रात एसडीआरएफ द्वारा किये गये रेस्क्यू ऑपरेशन का विवरण :-

खारे स्रोत के पास अन्य घरों में लोगों के फंसे होने की सूचना मिलने पर ऋषिकेश में एसडीआरएफ की टीम घर में फंसे लोगों को बचाने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए तुरंत मौके पर पहुंची।

ऋषिकेश में एसडीआरएफ टीम ने गली नंबर 11, गीता नगर में आईडीपीएल गेट के पास कुछ घरों में पानी भरने की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी और उन घरों में रहने वालों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए घटनास्थल पर पहुंची।

जब एसडीआरएफ टीम को खबर मिली कि ऋषिकेश के आमबाग में एक गर्भवती महिला पानी में फंसी हुई है, तो उन्होंने उसे बचाने के लिए त्वरित कार्रवाई की। श्रीमती चांदनी देवी पत्नी नितिन, 32 वर्ष, जो देवबंद की मूल निवासी हैं, को टीम द्वारा सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने पर उच्च अधिकारियों के आदेश पर एसडीआरएफ की टीम ने एहतियात के तौर पर कांगड़ी गांव में गंगा किनारे बनी झोपड़ियों को हटा दिया है . जिन 70 से 80 लोगों को निकाला गया, उनके लिए कांगड़ी में एक सुरक्षित स्थान चुना गया।

एसडीआरएफ टीम ने एक रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त की कि भोगपुर के पास एक नाले में एक कार फंस गई है, जिसमें चार लोग सवार हैं, और वे स्थानीय पुलिस की सहायता से सुरक्षित निकाला गया तथा वही फंसे बाइक सवार 02 लोगों को भी SDRF टीम द्वारा मदद की गई।

जोगियाना, मोहनचट्टी में एक परिवार के मलबे में दबने की सूचना मिली और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। कई सड़क अवरोधों के कारण बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी कठिनाई हो रही है।

रात भर एसडीआरएफ की टीमें सक्रिय रूप से राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. जब उन्हें कई स्रोतों से घटनाओं की जानकारी मिलती है, तो बचाव दल तुरंत कार्रवाई करते हैं।

मेरी माटी मेरा देश अभियान के अंतर्गत पौधा रोपण एवं पंच प्रण शपथ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते मंत्री गणेश जोशी।