म्यांमार। म्यांमार में शुक्रवार सुबह 11:50 बजे 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसका प्रभाव भारत, थाईलैंड, बांग्लादेश और चीन समेत पांच देशों में महसूस किया गया। इस आपदा में म्यांमार और थाईलैंड में कुल 16 लोगों की जान चली गई।

म्यांमार और थाईलैंड में तबाही
म्यांमार में भूकंप के कारण 13 लोगों की मौत हुई और 200 से अधिक लोग घायल हो गए। वहीं, थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में एक 30 मंजिला अंडर कंस्ट्रक्शन इमारत ढह गई, जहां 400 मजदूर काम कर रहे थे। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हुई और 80 से अधिक लोग लापता हैं।

भूकंप से दहशत, थाईलैंड में इमरजेंसी
भूकंप के तेज झटकों के बाद पांचों देशों के विभिन्न हिस्सों में लोग घबराकर घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। भारी तबाही को देखते हुए थाईलैंड की प्रधानमंत्री पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा ने आपातकाल घोषित कर दिया है।

भूकंप का केंद्र और प्रभाव

कहां आया?
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) और जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, भूकंप का केंद्र म्यांमार के सागाइंग शहर से 16 किमी उत्तर-पश्चिम में, 10 किमी की गहराई पर था।

किन देशों में असर?
भूकंप का प्रभाव म्यांमार, थाईलैंड, बांग्लादेश, भारत और दक्षिण-पश्चिम चीन में महसूस किया गया। भारत में कोलकाता, इंफाल, मेघालय और ईस्ट कार्गो हिल में झटके दर्ज किए गए, जबकि बांग्लादेश के ढाका और चटगांव में 7.3 तीव्रता के झटके आए। म्यांमार में 12 मिनट बाद 6.4 तीव्रता का आफ्टरशॉक भी दर्ज किया गया।

मांडले शहर में ऐतिहासिक इमारतें क्षतिग्रस्त
भूकंप से म्यांमार के ऐतिहासिक मांडले पैलेस का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि सागाइंग टाउनशिप में एक पुल पूरी तरह नष्ट हो गया। राजधानी नेपीता समेत क्यौकसे, प्यिन ऊ ल्विन और श्वेबो में भी तेज झटके महसूस किए गए, जहां 50 हजार से अधिक लोग रहते हैं।