पौड़ी,

यमकेश्वर ब्लॉक के ग्राम पंचायत सिंदुड़ी का तोक गांव वीरकाटली में तीन माह बाद भी आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन ठीक नहीं हो सकी है। आपदा की दहशत में गांव छोड़कर दूसरे सुरक्षित जगहों पर रहने वाले परिवार गांव लौटने लगे हैं। लेकिन गांव में पेयजल की समस्या होने से ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है। पौड़ी प्रशासन आज तक टूटी पेयजल लाइनों को ठीक नहीं करवा सका है।
अगस्त 2023 में दैवीय आपदा से वीरकाटली गांव में भारी तबाही हुई थी। यहां ग्रामीणों के घर और खेतों में दरारें आ गई थीं। पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। जान बचाने के लिए पांच परिवारों ने कुमार्था गांव में जाकर शरण ली। ग्रामीण यहां किराए के मकान में रहने लगे। आपदा को बीते हुए करीब तीन महीने से अधिक का समय बीत गया है। लेकिन पौड़ी प्रशासन की ओर से अभी तक इस गांव में मूलभूत व्यवस्थाएं नहीं जुटाई गई हैं। ग्रामीण बलदेव सिंह, विरेंद्र सिंह, पूर्णिमा देवी, सतेश्वरी देवी और राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि दैवीय आपदा के दौरान जान बचाने के लिए रिश्तेदारों के घरों में शरण ली। कुछ ग्रामीणों ने कुमार्था गांव में शरण ली। ग्रामीण किराए के भवन में करीब तीन हजार रुपये तक किराया दे रहे हैं। उनके पास आजीविका का कोई साधन नहीं है। ऐसे में अब किराया देने के लिए पैसे नहीं हैं। पूर्व प्रधान अरुण जुगलान ने बताया कि ग्रामीण वीरान घरों में लौट रहे हैं। लेकिन गांव में पेयजल लाइन ठीक नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। बताया कि ग्रामीणों की मदद से श्रमदान कर वीरकाटली गांव में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे हैं।