मसूरी : शिफनकोट के बेघर लोग आवासहीनों को आवास मुहैया कराने को लेकर नगरपालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता व मसूरी विधायक व प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ एक मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे, जो आवास मिलने तक जारी रहेगी. साथ ही उप जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कहा कि पिछले ढाई साल से रोप-वे परियोजना के नाम पर उक्त स्थान पर एक भी पत्थर नहीं रखा गया है, इसलिए इनका पुनर्वास किया जाए. शिफनकोट में ही।एक मार्च को धरने पर बैठने से पहले गांधी चौक से शहीद स्थल तक पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ शंखनाद यात्रा निकाली जाएगी।

प्रदेश आंदोलनकारी एवं कार्यक्रम समन्वयक प्रदीप भंडारी एवं शिफन कोट आवास समिति के अध्यक्ष संजय टम्टा ने शहीद स्थल पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि रोपवे प्रोजेक्ट निर्माण के नाम पर मसूरी शिफनकोट में आजादी पूर्व सन् 1939 से निवासरत गरीब एवं अनुसूचित जाति के मजदूर परिवारों को महिला, बच्चों व बुजर्गों समेत 2 वर्ष पूर्व 24 अगस्त 2020 को मसूरी विधायक गणेश जोशी की मौजूदगी में मसूरी नगर पालिका एवं प्रशासन द्वारा भारी कोरोना काल में बहुत ही अमानवीय ढ़ंग से उनके घरों से निकाल दिया गया था।
उसी दिन और फिर 17 सितंबर, 2020 को मसूरी विधायक गणेश जोशी ने शिफनकोट से निकाले गए सभी लोगों के लिए घर बनाने की घोषणा की। दूसरी ओर, 17 अक्टूबर, 2020 को नगर परिषद मसूरी द्वारा बोर्ड के प्रस्ताव को पारित करने के बाद, नगरपालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने शिफनकोट के निवासियों को आईडीएच लंढ़ौर में पुनर्वासित करने का वादा किया। इसी तरह कई मौकों पर नगर पालिका अध्यक्ष व मसूरी विधायक ने शिफनकोट से बेघर हुए मजदूरों को आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की.
कई बार लिखित में भी दिया। और बैठकों, धरना स्थलों आदि में अपनी बात पहुंचाने की प्रतिबद्धता को बार-बार दोहराया गया। जिसके हमारे पास सारे सबूत हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी इस मामले से अच्छी तरह वाकिफ हैं।और उन्होंने शिफनकोट के लोगों को 1 सितंबर 2021 को मसूरी शहीद स्थल पर और 11 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री आवास पर तथा 20 दिसंबर 2021 को मुख्यमंत्री धामी, मसूरी विधायक व कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को आवास उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई . वहीं नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने आईडीएच लंढ़ौर में श्रमिक गृह निर्माण का शिलान्यास किया. लेकिन अफसोस कि शिफनकोट वासियों को हटाए जाने के अब 3 साल पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन भूमिपूजन के 2 साल बीत जाने के बाद भी आज तक उन्हें कोई मकान या जमीन आवंटित नहीं की जा सकी है. सरकार के निर्देश के बावजूद नगर निदेशक व शासन प्रशासन ने न तो हमारी दुर्दशा को समझा और न ही समस्या के समाधान के लिए एक बार भी प्रयास किया. पालिका अध्यक्ष व विधायक द्वारा बार-बार झूठे वादे व विज्ञापन कर गरीब मजदूरों को ठगा गया है।
अपमानित भी हुआ लेकिन अब सब्र का बांध टूट गया है और 1 मार्च 2023 से शहीद स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय लिया गया है. आंदोलन के दौरान धरना, उपवास और जुलूस भी निकाले जाएंगे। एक मार्च को धरने पर बैठने से पहले गांधी चौक से शहीद स्थल तक पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ शंखनाद यात्रा निकाली जाएगी।जिसमें उत्तराखंड के कई जागरूक संगठन समर्थन में शामिल होंगे। उपरोक्त आन्दोलन शिफनकोट में पुनर्वास, नये मकानों के आवंटन अथवा प्रति परिवार 50-50 गज भूमि के आवंटन तक जारी रहेगा।
इस मौके पर भैरव सेना के प्रदेश अध्यक्ष संदीप खत्री ने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि अब इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जो धरने से नहीं होने वाला है. उधर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष गौरव अग्रवाल ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि अगली विधानसभा में इस मामले को फिर से उठाया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में शिफन कोट के बेघर मजदूर भी मौजूद रहे.

