देहरादून: उत्तराखंड में वन अनुसंधान संस्थान (FRI) ने एक बार फिर सर्कुलर जारी कर संस्थान के दरवाजे पर्यटकों के लिए खोलने की जानकारी दी है. हाल ही में वन अनुसंधान संस्थान ने पर्यटकों के संस्थान में प्रवेश पर रोक लगा दी थी। जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। इस नए आदेश के बाद पर्यटक एफआरआई में पहले की तरह प्राकृतिक सौन्दर्य और विरासती इमारतों को देख सकेंगे।
गुलदार के आतंक से हुआ था बंद : देहरादून एफआरआई पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है खासकर प्रकृति का लुत्फ उठाने वालों के लिए यह जगह बेहद खास (देहरादून एफआरआई पर्यटन) बनी हुई है। शायद यही वजह है कि हर साल हजारों की संख्या में लोग देहरादून के एफआरआई यहां मौजूद प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाने पहुंचते हैं।

लेकिन कोरोना काल में वन अनुसंधान संस्थान ने लंबे समय तक यहां पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। हालांकि इसके बाद एफआरआई के दरवाजे दर्शकों के लिए खोल दिए गए। लेकिन बीते दिनों गुलदार की दहशत के चलते एफआरआई को एक बार फिर पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया।
घूमने का बेहतरीन विकल्प वन अनुसंधान संस्थान के इस फैसले के बाद पर्यटकों में काफी निराशा देखने को मिली, इसका एक बड़ा कारण यह है कि इन दिनों स्कूल और कॉलेज की छुट्टियां चल रही हैं, इसलिए इस सीजन में एफआरआई की जा रही है. लोगों के घूमने के लिए एक बढ़िया विकल्प हो जाता है। अच्छी खबर यह है कि अब वन अनुसंधान संस्थान द्वारा यह प्रतिबंध हटा दिया गया है और नए आदेश के अनुसार पर्यटक सुबह 9:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक एफआरआई में घूमने का लुत्फ उठा सकते हैं।
हालांकि इस दौरान पर्यटकों को कुछ विशेष सावधानियां बरतने के सुझाव भी दिए गए हैं। जिसमें लोगों को एफआरआई की मुख्य बिल्डिंग और ट्रेवर रोड पर ही घूमने के लिए कहा गया है. पर्यटकों को वन क्षेत्र में प्रवेश करने से बचने की सलाह दी गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि इलाके में अभी भी गुलदार का खतरा बना हुआ है और ऐसे में लोगों से एहतियात बरतने को कहा गया है.

