नैनीताल : उत्तराखंड में सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर अब राज्य सरकार गंभीर हो गई है. राज्य सरकार शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने एवं अनाक्रमण के संबंध में एक सप्ताह के भीतर नई नीति की घोषणा करेगी साथ ही शासकीय भूमि पर अतिक्रमण रोकने की जिम्मेदारी क्षेत्रीय अधिकारियों की निर्धारित की जायेगी. हालांकि जमीन पर अतिक्रमण होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव ने नैनीताल पहुंचकर जिले के सभी अधिकारियों के साथ विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की. इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार हल्द्वानी के विकास के लिए 2 हजार 200 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य जल्द शुरू करेगी.

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के पहाड़ी किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने 300 करोड़ की लागत से पॉलीहाउस योजना शुरू की है. जिसके काश्तकार विषम भौगोलिक परिस्थितियों में भी खेती कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निकट भविष्य में पॉलीहाउस योजना के माध्यम से एक लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगी।
मुख्य सचिव ने आगे कहा कि हल्द्वानी के रानीबाग क्षेत्र में जमरानी बांध परियोजना का कार्य भी अंतिम चरण में है. जमरानी डैम का काम जल्द शुरू किया जाएगा। बांध निर्माण की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं, वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। बजट की घोषणा होते ही बांध का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। जिसके बाद हल्द्वानी सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
कहा, राज्य सरकार सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा रोकने और सरकारी जमीन पर कब्जा खाली करने के लिए नई नीति बना रही है। एक हफ्ते में नई पॉलिसी लागू हो जाएगी। सरकारी जमीनों पर सेटेलाइट से नजर रखी जाएगी। शासकीय भूमि पर अतिक्रमण रोकने की जिम्मेदारी क्षेत्रीय अधिकारियों की होगी। हालांकि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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