भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में भी 2 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. 5 मैचों की इस टी20 सीरीज के पहले दो मैच हारने के बाद टीम इंडिया पर अब सीरीज हारने का खतरा मंडरा रहा है. दूसरे टी20 मैच में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. इसके बाद टीम 20 ओवर में 152 रन तक ही पहुंच सकी.
टीम इंडिया की बल्लेबाजी में तिलक वर्मा के अलावा कोई भी बल्लेबाज एक बार फिर प्रभावित नहीं कर सका. इसके साथ ही वेस्टइंडीज की टीम ने 8 विकेट खोकर भी यह लक्ष्य हासिल कर लिया. हम आपको उन 3 कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी वजह से भारतीय टीम को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा।
तिलक वर्मा को छोड़कर शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा

दूसरे टी20 मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया के बल्लेबाजों से सभी को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ. शुभमन गिल 7 और सूर्यकुमार यादव सिर्फ 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. वहीं ईशान किशन भी सिर्फ 27 रन ही बना सके. तिलक वर्मा की 51 रन की पारी जरूर देखने लायक थी, लेकिन अन्य बल्लेबाजों ने अपने प्रदर्शन में कमी की।
पूरन के खिलाफ रणनीति की कमी देखी गई
सीरीज के शुरुआती दोनों टी20 मैचों में निकोलस पूरन के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए. दूसरे मैच में जब पूरन बल्लेबाजी करने आए तो उस वक्त वेस्टइंडीज ने 2 रन के स्कोर पर ही 2 विकेट खो दिए थे. पूरन ने महज 40 गेंदों पर 67 रनों की विस्फोटक पारी खेली और मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया.
टीम इंडिया दबाव को बेहतर तरीके से नहीं झेल पाई
इस मैच में लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की टीम ने एक समय 129 के स्कोर पर 8 विकेट खो दिए थे. यहां से उसे आखिरी 4 ओवर में 24 रन की जरूरत थी. ऐसे में सभी को भारतीय गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन विंडीज टीम ने 7 गेंद शेष रहते ही मैच जीत लिया. इससे साफ पता चलता है कि भारतीय गेंदबाज दबाव को अच्छे से नहीं झेल सके.

