जोशीमठ डूबता : जोशीमठ : भारत और चीन के बीच 345 किलोमीटर लंबी सीमा उत्तराखंड से सटी हुई है. इसमें से 100 किलोमीटर का हिस्सा चमोली जिले में आता है।

चमोली से चीन सीमा तक जाने के लिए बद्रीनाथ हाईवे और नीति हाईवे हैं। सेना इनका इस्तेमाल चीन सीमा तक आने-जाने के लिए भी करती है। लेकिन, जोशीमठ में हो रहे भूस्खलन से बद्रीनाथ हाईवे और नीति हाईवे पर खतरा बढ़ता जा रहा है. ये मार्ग कई स्थानों पर भूधंसाव की चपेट में हैं।

दोनों मार्गों पर लगातार नई दरारें आ रही हैं और पुरानी दरारों की चौड़ाई बढ़ती जा रही है। इनमें मिट्टी और मलबा डालकर भरा जा रहा है। अगर इन मार्गों पर भूधंसाव इसी तरह बढ़ता रहा तो भविष्य में सेना के लिए समस्या खड़ी हो सकती है, क्योंकि यहां से चीन सीमा तक आवाजाही के लिए सड़क मार्ग का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इस लिहाज से इन मार्गों का धंसना देश की सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंताजनक है।

हाईवे चीन की सीमा से लगी माना घाटी तक जाता है
बद्रीनाथ हाईवे जितना धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है उतना ही सामरिक दृष्टि से भी। ऋषिकेश से शुरू होकर यह राजमार्ग जोशीमठ शहर के मध्य से होकर चीन सीमा के पास माणा घाटी तक जाता है। माणा घाटी का अंतिम गांव माणा जोशीमठ से 47 किमी की दूरी पर है, जबकि माणा दर्रे की दूरी लगभग 52 किमी है।

इस हाईवे का करीब 12 किमी जोशीमठ में पड़ता है। जोशीमठ में टीजीपी बैंड से लेकर रविग्राम और डांडो तक करीब तीन किमी के इलाके में फैला आर्मी बेस कैंप इस हाईवे से कुछ ही दूरी पर है। आईटीबीपी कैंप की ओर जाने वाली सड़क भी इसी हाईवे से होकर गुजरती है।

जोशीमठ क्षेत्र में दस स्थानों पर भूस्खलन से हाईवे प्रभावित
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) का कैंप भी हाईवे के करीब है। ऐसे में चीन सीमा के लिए सेना, आईटीबीपी और बीआरओ की सारी गतिविधियां इसी रास्ते से संचालित होती हैं।

वर्तमान में यह राजमार्ग जोशीमठ क्षेत्र में दस स्थानों पर भूस्खलन से प्रभावित है। सबसे ज्यादा भूस्खलन मारवाड़ी क्षेत्र में है, जहां पांच जगहों पर सड़क धंस रही है। मारवाड़ी को पहले ही आपदा प्रवण क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। इस वजह से यहां इस मार्ग पर भूस्खलन अधिक हो रहा है।

इसी तरह चीन सीमा पर नीति घाटी के आखिरी गांव जोशीमठ से नीति की दूरी यहां से 76 किलोमीटर है, जबकि नीति दर्रे की दूरी करीब 45 किलोमीटर है। जोशीमठ से नीति घाटी को जाने वाला हाईवे भी चार जगहों पर धंस रहा है।

जोशीमठ बाजार से शुरू होने वाले इस राजमार्ग पर सेना के बेस कैंप का एक हिस्सा स्थित है। सेना के बेस कैंप के आसपास इस हाईवे पर 10 से 50 मीटर लंबाई की कई दरारें आ गई हैं। ये दरारें भी फिलहाल मलबे से भर चुकी हैं।