विकास नगर :-उपेंद्र सिंह रावत की रिपोर्ट

आज लखवाड़ बांध संघर्ष समिति के तत्वधान में केंद्रीय कैबिनेट से लखवाड़ बांध की स्वीकृति के लिए माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड को धन्यवाद ज्ञापित किया गया जैसा की आपको विदित हो कल केंद्रीय कैबिनेट ने लखवाड़ बांध की स्वीकृति दी थी उससे को देखते हुए बांध संघर्ष समिति ने आज देहरादून में राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर उनका धन्यवाद् किया जिस प्रकार से उन्होंगे केंद्रीय नेतृत्व के सामने ये मांग रखी थी उसी को लेकर आज संघर्ष समिति में लोग मुख्यमंत्री से मिलने गए।

समिति ने समस्त बांध प्रभावित काश्तकारों की समस्याओं के निस्तारण के लिए भी मांग पत्र के रूप में प्रार्थना पत्र भी दिया गया और इसके साथ जल विद्युत निगम के प्रबंधक निर्देशक संदीप सिंघल से भी मुलाकात की गई और प्रभावित काश्तकारों के संबंध में उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए भी विस्तृत चर्चा की गई और यह भी चर्चा हुई।

जैसा कि 24 तारीख को उत्तराखंड में माननीय प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में परियोजना का शिलान्यास कार्यक्रम होना सुनिश्चित हुआ है यह सभी जानकारियां उनके द्वारा हमको दी गई जिसके लिए की उनके अथक प्रयास और सभी क्षेत्रवासियों की ओर से उनको भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

प्रोजेक्ट कब शुरू हुआ

लखवाड़ बांध परियोजना 1976 में शुरू हुई थी, लेकिन 1992 में इसका काम रोक दिया गया था। इस परियोजना के तहत 300 मेगावाट बिजली पैदा करने की परियोजना है। इस परियोजना को वन और पर्यावरण मंत्रालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है, जिसके बाद इसका निर्माण कार्य फिर से शुरू हो जाएगा। लखवाड़ परियोजना के तहत उत्तराखंड के देहरादून जिले के लोहारी गांव के पास यमुना नदी पर 204 मीटर ऊंचा सीमेंट बांध बनाया जाएगा. इससे यमुना बेसिन के छह राज्यों को पीने और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा.

लखवाड़ और रेणुजी बांध परियोजनाओं से 300 मेगावाट बिजली पैदा होगी। इस प्रोजेक्ट को बनाने का काम उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को दिया गया है। इस परियोजना से न केवल पीने के पानी की उपलब्धता बढ़ेगी बल्कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में बड़े पैमाने पर सिंचाई और बिजली उत्पादन में मदद मिलेगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के काम में तेजी लाई जाएगी। इस परियोजना पर उत्तराखंड पहले ही काफी खर्च कर चुका है। साथ ही उन्हें केंद्र सरकार की ओर से और मदद मिलेगी।
इस अवसर पर बचन सिंह पुंडीर अध्यक्ष बाँध समिति, अनिल पुंडीर, संदीप चौहान, जितेन्द्र चौहान, रमेश पंवार,अजीत चौहान आदि लोग मौजूद रहे।