15 अक्टूबर से परियोजना का कार्य बंद कर धरना-प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान

11 अक्टूबर को आंदोलन की रूपरेखा और कार्ययोजना तय करने के लिए पुनः बैठक

बंदरकोट, 27 सितंबर 2026 | Pahaad News

लखवाड़ बांध प्रभावित काश्तकार संयुक्त संघर्ष समिति जौनपुर-जौनसार की कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक आज 27 सितंबर 2026 को बंदरकोट में आयोजित की गई। बैठक में लखवाड़ बांध परियोजना से प्रभावित काश्तकारों की विभिन्न समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में निम्न प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई—

  1. पूर्व प्रभावित परिवारों की गणना में सामने आई विसंगतियों का निराकरण।
  2. कृषि मजदूरी एवं दिवस की दर में वृद्धि न किए जाने का मुद्दा।
  3. पूर्व अधिग्रहित भूमि पर अधिग्रहण के बाद स्थापित संपत्तियों एवं परिसंपत्तियों का मूल्यांकन।
  4. नई अधिग्रहण भूमि में राजस्व भूमि पर स्थापित संपत्तियों एवं परिसंपत्तियों का मूल्यांकन।
  5. पूर्व अधिग्रहित भूमि के पट्टे की अनुग्रह अनुदान राशि तथा अधूरे अनुग्रह अनुदान का भुगतान।
  6. पूर्ण विस्थापित ग्राम राणोगी, कुण और लोहारी के विस्थापन का मुद्दा।
  7. काश्तकारों के घराट एवं अन्य संपत्ति-परिसंपत्तियों का मूल्यांकन एवं भुगतान।
  8. युवाओं को देहरादून में स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने की मांग।
  9. राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं से संबंधित मांगें।
  10. R&R (पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन) नीति का निर्धारण न होने का मुद्दा।
  11. बांध से प्रभावित सभी काश्तकारों की अन्य समस्याओं का समाधान।

कई बार पत्राचार और वार्ता का दावा

समिति के अनुसार, उपरोक्त मांगों को लेकर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल, जिलाधिकारी देहरादून, यूजेवीएनएल, मुख्य सचिव उत्तराखंड सरकार तथा मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार से कई बार पत्राचार और वार्ता की गई है। समिति का कहना है कि प्रभावित काश्तकारों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार आग्रह किया गया, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

समिति के अनुसार, पूर्व में प्रभावित काश्तकारों द्वारा 49 दिनों तक आंदोलन भी किया गया था। इसके बाद जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल की ओर से वार्ता का कार्यवृत्त जारी किया गया, लेकिन समिति का आरोप है कि उसके बावजूद आज तक प्रमुख बिंदुओं पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

समिति ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन द्वारा काश्तकारों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और उनकी आवाज अनसुनी की जा रही है।

15 अक्टूबर से आंदोलन का ऐलान

बैठक में उपस्थित समिति पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावित काश्तकार परियोजना का कार्य बंद कर उचित स्थान पर धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे।

आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा और आगामी कार्ययोजना निर्धारित करने के लिए 11 अक्टूबर 2026 को पुनः बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

“यह लड़ाई हम सबकी है”

समिति ने सभी प्रभावित काश्तकारों से आंदोलन में एकजुट होकर सहयोग करने की अपील की है।

समिति की ओर से कहा गया कि—

“यह लड़ाई हम सबकी है। सब मिलकर लड़ेंगे। सभी प्रभावित काश्तकार साथियों के सहयोग और सहभागिता की अपेक्षा है।”