मुंबई, PAHAAD NEWS TEAM
मशहूर गायक और संगीतकार बप्पी लाहिरी का आज निधन हो गया है (गायक-संगीतकार बप्पी लाहिरी का मुंबई के अस्पताल में निधन)। उन्होंने मुंबई के जुहू क्रिटी केयर अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर है। बप्पी लाहिरी जिनका असली नाम अलोकेश लाहिड़ी था। उनका जन्म 27 नवंबर 1952 को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में हुआ था। उनके पिता का नाम अपरेश लाहिड़ी और माता का नाम बन्सारी लाहिड़ी था।

मुंबई बॉलीवुड ब्रेकिंग न्यूज़ : मशहूर गायक और संगीतकार बप्पी लाहिरी का मुंबई में निधन , पीएम मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बॉलीवुड के मशहूर गायक और संगीतगार बप्पी लहिरी के निधन पर शोक व्यक्त किया है. पीएम मोदी ने ट्वीट करके कहा है कि बप्पी लहिरी का जीवंत स्वभाव सभी को याद होगा. उनके निधन से दुखी हूं.
Shri Bappi Lahiri Ji’s music was all encompassing, beautifully expressing diverse emotions. People across generations could relate to his works. His lively nature will be missed by everyone. Saddened by his demise. Condolences to his family and admirers. Om Shanti. pic.twitter.com/fLjjrTZ8Jq
— Narendra Modi (@narendramodi) February 16, 2022
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने बप्पी लहिरी के निधन पर ट्वीट किया, “रॉकस्टार बप्पी लहिरी जी के निधन के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं। विश्वास नहीं हो रहा है कि मेरा पड़ोसी अब नहीं रहा। आपका संगीत हमेशा हमारे दिलों में रहेगा।
Shocked to hear about the demise of rockstar #BappiLahiri ji .
— Ashoke Pandit (@ashokepandit) February 16, 2022
Can’t believe my next door neighbour is no more .
Your music will always remain in our hearts .
ॐ शान्ति !
🙏
बप्पी दा ने केवल तीन साल की उम्र में तबला बजाना शुरू कर दिया था, जिसे बाद में उनके पिता ने और भी गुर सिखाए। बॉलीवुड को रॉक और डिस्को से परिचित कराकर पूरे देश को अपनी धुन पर नचाने वाले मशहूर संगीतकार और गायक बप्पी लाहिड़ी ने कई बड़ी और छोटी फिल्मों में अभिनय किया। बप्पी ने 80 के दशक में बॉलीवुड को यादगार गानों का तोहफा देकर अपनी पहचान बनाई थी। बप्पी 17 साल की उम्र से संगीतकार बनना चाहते थे और एसडी बर्मन उनकी प्रेरणा बने। बप्पी अपनी किशोरावस्था में एसडी बर्मन के गाने सुनते थे और उन्हें रियाज करते थे।
जिस दौर में लोग रोमांटिक संगीत सुनते थे, उस समय बप्पी ने बॉलीवुड में ‘डिस्को डांस’ की शुरुआत की थी। उन्हें एक बंगाली फिल्म, दादू (1972) और पहली बॉलीवुड फिल्म नन्हा शिकारी (1973) में मिला जिसके लिए उन्होंने संगीत दिया था. जिस फ़िल्म ने उन्हें बॉलीवुड में स्थापित किया, वह ताहिर हुसैन की हिंदी फिल्म जख्मी (1975) थी. जिसके लिए उन्होंने संगीत तैयार किया। यह फिल्म उन्हें प्रसिद्धि की ऊंचाइयों पर ले गई और हिंदी फिल्म उद्योग में एक नए युग की शुरुआत की। उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह फिल्म में काम करते रहे और ऊंचाइयों को छुआ। उन्होंने बॉलीवुड में एक बड़े कलाकार के रूप में अपना नाम स्थापित किया। आज उनके निधन से उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई है. आपको बता दें कि इस महीने बॉलीवुड जगत को एक के बाद एक बड़ा झटका लगा है. बप्पी लहिरी से पहले स्वरा कोकिला लता मंगेशकर का 6 फरवरी को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया था।

