मसूरी : मसूरी एक पर्यटन स्थल है और अगर यहां पीने के पानी की कमी होती है तो इसका सीधा असर मसूरी और प्रदेश के पर्यटन पर पड़ेगा. राकेश रावत और कौशल्या रावत बोले एनजीटी के निर्देशों के खिलाफ अपील दायर करना चाहिए ताकि मसूरी को पीने के पानी की आपूर्ति की जा सके।

झील के निकट पानी के श्रोत से पानी लेने की NGT की पाबंदी के बाद हमारे द्वारा जो क्रमवार आंदोलन की बात की गयी थी, वह वापस ली जाती है।

राकेश रावत और कौशल्या रावत और उत्तराखंड जल संस्थान के अधिकारीगण रमोला और टी एस रावत की कोशिशों के बाद ये आंदोलन स्थगित किया जा रहा है।

राकेश रावत और कौशल्या रावत द्वारा क्यारकुली ग्राम में पानी के 2 श्रोत से और बासाघाट से 1 श्रोत से पानी मसूरी के सभी नागरिकों और व्यापारीक प्रतिष्ठानों को आसानी से कानून व्यवस्था के अन्तर्गत मिल पायेगा।साथ ही कौशल्या रावत जी द्वारा जो गाँव में पानी के टैंक आदि बनाये गये हैं

पानी की उपलभ्धता मसूरी के आस पास के पानी के प्राकर्तिक श्रोतों से निजी पानी के टैंकर द्वारा होती आई है और होती रही है। इसी प्रकार से मसूरी में पूर्ण रूप से रिहाइशी और व्यवसायिक उपभोगताओं को पानी की पूर्ती होती हैं ।

हाल ही में 12.01.2023 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, नई दिल्ली, द्वारा निर्देश देते हुए मसूरी में झील के निकट एक प्राकृतिक पानी के श्रोत से पानी लेने पर एकाएक रोक लगा दी गयी है जो मसूरी के उपभोगताओं, रिहाइशी और व्यवसायिक सभी के लिए परेशानी है और उत्पीड़न है ।

इस अवसर पर मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ,जगजीत कुक्रेजा ,नागेन्द्र उनियाल , मजदूर संघ, मसूरी देवी गोदियाल ,मसूरी होम स्टे एसोसिएशन, मसूरी रमेश भट्ट ,ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कॉंग्रेस आर पी बडोनी ,मसूरी पानी टैंकर एसोसिएशन साब सिंह थापली आदि लोग उपस्थित थे।

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