मसूरी : कारूवी एग्रो प्रोडयूसर कंपनी ने ‘स्वरोजगार के लिए घर-घर रोजगार, पलायन पर जंग’ के तहत कार्यशाला का आयोजन मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के सहयोग से किया, जिसमें घर-घर रोजगार पैदा करने के लिए छोटे-छोटे उत्पाद बनाने की जानकारी दी गई.
राधाकृष्ण मंदिर में आयोजित कार्यशाला में कारुवी एग्रो के निदेशक अनुज रावत ने कहा कि वर्तमान स्थिति में सरकारी नौकरी सहित निजी क्षेत्र में रोजगार की कमी के कारण बड़ी संख्या में बेरोजगारी बढ़ रही है. जिसके लिए कारुवी एग्रो ने घर बैठे रोजगार पैदा करने के लिए छोटे उत्पाद बनाने की जानकारी दी। साथ ही कहा कि इसमें खर्चा भी काफी कम आता है, 15 हजार से कम लागत में ही घर में स्वरोजगार कर अच्छा पैसा कमाया जा सकता है.

दूसरी ओर जिनके पास रोजगार है वे अतिरिक्त रोजगार के रूप में अथवा महिला समूह के रूप में करके अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगरबत्ती, मोमबत्ती, दो थाली, चप्पल, गोबर बनाने के कई उत्पाद हैं जो आसानी से घर पर बनाए जा सकते हैं। इसके लिए कोई बड़ा कोर्स करने या पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है।
इस मौके पर व्यापार संघ के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि स्वरोजगार के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया था, ताकि लोग इसका लाभ उठाकर स्वयं को स्वरोजगार से जोड़ सकें या समूह बनाकर व्यवसाय कर सकें. ये सभी उत्पाद घर बैठे किए जा सकते हैं। कारुवी एग्रो द्वारा मशीनें लाई गई हैं जो स्वरोजगार के लिए बहुत उपयोगी हैं।
सरकार स्वयं सहायता समूहों को भी प्रोत्साहित करती है और इसके लिए ऋण भी लिया जा सकता है। यह स्वरोजगार पूर्णकालिक या अंशकालिक किया जा सकता है, जो लोग इसका लाभ लेना चाहते हैं, उनके लिए ट्रेड यूनियन पूरी सहायता प्रदान करेगी, जिसके लिए यदि उन्हें ऋण, प्रशिक्षण या मशीनों पर सब्सिडी की आवश्यकता है, स्वयं सहायता समूह बनाना हो इसके लिए मदद करेगा।
इस मौके पर कार्यशाला में जगजीत कुकरेजा, नागेद्र उनियाल, अमित सिंघल, कारूवी एग्रो के तनुज शर्माद्व आशीष जदली, अंकित शर्मा, राहुल कांत, विपिन चैहान, अनिल कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.

