मसूरी : अगलाड़ यमुनाघाटी विकास मंच द्वारा मसूरी में आज जनजातीय पुरानी दीवाली(बग्वाली)मनाया गया जिसमें संपूर्ण यमुना घाटी व अगलाड़ घाटी के मसूरी में रहने वाले प्रवासियों ने भारी संख्या में भाग लिया।

मसूरी में ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ नाग देवता की पूजा कर बग्वाल उत्सव मनाया। बूढ़ी दीवाली, बगवाली या पुरानी दिवाली के रूप में जाना जाने वाला आदिवासी त्योहार बहुत धूमधाम से शुरू हुआ। दिवाली से ठीक 30 दिन बाद प्रदेश के जौनपुर, रवाईं और जौनसार बावर अंचल में मनाई जाने वाली पहाड़ियों की मुख्य पुरानी दिवाली शुरू हो गई है.

कार्यक्रम के दौरान बग्वाल (भांड) का आयोजन किया गया, जिसे देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन के रूप में दर्शाया गया। इसमें बाबई घास से बनी एक बड़ी रस्सी का प्रयोग किया जाता है। इसकी विशेषता यह है कि बाबई घास को इस दिन काटकर रस्सी बनाई जाती है। मान्यता के अनुसार रस्सी बनाकर स्नान करने के बाद विधिवत पूजा की जाती है।

होलीयत का भी आयोजन किया गया जिसमें भीमल की लकड़ियों से बने होल्ले खेले गए तथा भिरूड़ी भी बांटी गई। इस मौके पर पूरे जौनपुर-जौनसार और रवाई में उड़द की दाल के पकौड़े, साठी से बने चिउड़ा तथा भिरूड़ी बराज के अखरोट प्रसाद के रूप में बांटे गए।

ग्रामीणों ने बताया कि बग्वाल भांड जौनपुर क्षेत्र का प्रसिद्ध पर्व है, जिसे ग्रामीण व आसपास के क्षेत्र के लोग बड़े ही उत्साह से मनाते हैं, इसी दिन गांव में विशेष व्यंजन बनाये जाते हैं, एक दूसरे को परोसे जाते हैं. बनवास से अयोध्या लौटने पर उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में करीब एक महीने बाद पता चला कि ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई, जिसके रूप में ग्रामीण अपनी पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते नजर आए .

बग्वाल यानी दीवाली भी इसी का एक हिस्सा है, रात में गांव के सभी लोग एक खेत खलिहान पर इकट्ठा होते हैं, साथ में चीड़ की लकड़ी से बनी मशाल को घुमाते हुए नाचने वाले भेल भी होते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों से पर्यटकों को उनकी संस्कृति से परिचित कराने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से त्योहारों के पारंपरिक स्वरूप को संरक्षित करने की दिशा में क्षेत्र में बग्वाल कार्यक्रम आयोजित किया गया. उन्होंने बताया कि बग्वाल पर्व की तैयारी सभी बड़े उत्साह से कर रहे हैं।

इस अवसर पर शुरवीर रावत अध्यक्ष, सुरत सिंह रावत “खरकाई,” कुलदीप रौतेला सभासद, रजत अग्रवाल अगलाडअध्यक्ष मसूरी ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन, राकेश राणा, सुमन नौटियाल, मेघ सिंह कंडारी, आनंद सजवान आदि लोग मौजूद रहे ।