मसूरी , पहाड़ न्यूज टीम

अतिक्रमण कर बनाए गये तीन खोको को हटाने गई पुराने टिहरी बस स्टैंड क्षेत्र में नगरपालिका की टीम को बैरंग लौटना पड़ा . दरअसल, इस दौरान भाजपा के दो स्थानीय नेता आपस में भिड़ गए। भाजपा का एक धड़ा अतिक्रमणकारियों के पक्ष में खड़ा हुआ और अतिक्रमण हटाने का कड़ा विरोध किया तो दूसरा धड़ा अतिक्रमण हटाने के पक्ष में खड़ा हो गया. सूत्रों के अनुसार इस अतिक्रमण को हटाने के लिए भाजपा के एक शीर्ष नेता की ओर से दबाव था।

मंगलवार को पुरानी टिहरी बस स्टैंड से अतिक्रमण कर बनाये गये तीन खोखों को हटाने गई नगर पालिका की टीम जैसे ही मौके पर पहुंची तो भाजपा नेता आपस में भिड़ गए. भाजपा मसूरी मंडल के कोषाध्यक्ष व पूर्व पार्षद छावनी नरेंद्र पडियार व भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष पुष्पा पडियार अतिक्रमणकारियों के समर्थन में खड़े हुए, जबकि भाजपा नेता व छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष बादल प्रकाश व मुकेश धनाई अतिक्रमण हटाने के समर्थन में खड़े हुए. . इस बात को लेकर बादल प्रकाश और नरेंद्र पाडियार के बीच तीखी नोकझोंक और बहस छिड़ गई। वहां का बिगड़ता माहौल देख नगर पालिका की टीम बिना खोखा तोड़े वापस लौट गई। हालांकि नगर निगम के कार्यपालक अधिकारी यूडी तिवारी ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर कुछ दिन का समय देते हुए कहा कि वे खुद अवैध अतिक्रमण हटा लें, नहीं तो नगर पालिका को दोबारा कार्रवाई करनी होगी.

मौके पर मौजूद नगर पालिका के कार्यपालक अधिकारी यूडी तिवारी ने बताया कि अतिक्रमण हटाने का कार्य नगर पालिका द्वारा किया जा रहा है. जिसके तहत सभी अतिक्रमणकारी यहां से अतिक्रमण हटाने के लिए आए हैं, सभी अतिक्रमणकारियों को एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई है, अन्यथा नगर पालिका को ही अतिक्रमण हटाना होगा. साथ ही उन्होंने कहा कि पूरे शहर में अतिक्रमण हटाने का काम किया जा रहा है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा.

इस मौके पर भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष पुष्पा पडियार ने कहा कि नगर पालिका द्वारा कुछ ही लोगों को अतिक्रमण के दायरे में लाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वह किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगी और इसका खुलकर विरोध करेंगी.

आपको बता दें कि मसूरी शहर का कोई भी ऐसा हिस्सा नहीं है जो अतिक्रमणकारियों की चपेट में आने से बचा हो. पूर्व में मसूरी में शासन के आदेश के बाद नगर पालिका व प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया था, लेकिन बर्फबारी और फिर कोरोना का दौर शुरू होने पर इसे बीच में ही रोक दिया गया. लेकिन आज स्थिति यह है कि मसूरी शहर का हर हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में आ गया है. जो बढ़ता ही जा रहा है। इस वजह से जहां मसूरी की खूबसूरती पर ग्रहण लगता है, वहां सड़कों पर चलना भी मुनासिब नहीं रहा. अगर यही हाल रहा तो आने वाला समय मसूरी के लोगों के लिए मुसीबतों से भरा होने वाला है। इसलिए अब अतिक्रमण पर अंकुश लगाना बेहद जरूरी हो गया है। प्रयास किया जाए कि अतिक्रमण हटाते समय किसी के साथ भेदभाव न हो। कहीं ऐसा न हो कि बड़े-बड़े अतिक्रमणों पर ध्यान न दिया जाए और गरीबों को उजाड़ दिया जाए। क्योंकि आमतौर पर ऐसा पहले भी होता आया है।