रुद्रप्रयाग : शुभम काला, उत्तराखंड का 12वीं कक्षा का छात्र, जिसने अब तक आठ ड्रोन बनाए हैं, अपने नए प्रोजेक्ट में आकार लेना शुरू कर रहा है। इस बार वह एक ऐसा ड्रोन बना रहा है जो दुश्मन देशों के दांत खट्टे कर देगा। इसमें गन पॉइंट के साथ-साथ बम ड्रॉपर भी होंगे।

यह केवल उड़ते हुए ही हमला कर सकता है। इसमें एक पैराशूट भी है, इसलिए अगर इसमें खराबी आती है या बैटरी खत्म हो जाती है तो यह सीधे नीचे नहीं गिरता है। रेकी के दौरान यह ड्रोन अपना फॉर्मेशन बदलेगा ताकि यह दुश्मन के रडार की जद में न आए।

रुद्रप्रयाग के अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज में 12वीं कक्षा के छात्र शुभम का दावा है कि चार किलो वजन का ड्रोन 20 किमी तक की उड़ान में पांच किलो तक वजन ले जा सकता है।

मोबाइल पर नजर रखी जाएगी

कैमरे लगने से इसकी निगरानी मोबाइल या कंप्यूटर से की जा सकेगी। इसकी रफ्तार 180 किमी प्रति घंटा होगी, यह जमीन से 8 किमी ऊपर उड़ान भर सकेगा। इसलिए यह आसानी से दिखाई नहीं देगा।

एल्युमिनियम के ड्रोन भी बनाए

शुभम ने अपना पहला ड्रोन नौवीं कक्षा में बनाया था। उड़ान के दौरान प्लास्टिक से बने ड्रोन के कुछ उपकरण जल गए। फिर उसने ड्रोन को नए डिजाइन के साथ अपडेट किया। 11वीं क्लास में सबसे पहले उन्होंने अपने डिजाइन वाले दो एल्युमीनियम ड्रोन बनाए, जो उड़ने में सफल रहे।

विज्ञान महोत्सव में चयन

शुभम के इस मॉडल को नेशनल साइंस फेस्टिवल के लिए चुना गया है। शुभम ने कहा कि दो महीने में ड्रोन बनकर तैयार हो जाएगा। जीआईसी के फिजिक्स प्रवक्ता नरेश जामलोकी ने बताया कि शुभम के ड्रोन मॉडल को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चुना गया है। बोर्ड परीक्षाओं के बाद नेशनल साइंस फेस्टिवल होगा।

दो लाख खर्च होंगे

एक ड्रोन बनाने की लागत 2.10 लाख रुपए है। शुभम के पिता राजेंद्र प्रसाद काला व मां सरिता काला ने बताया कि प्रशासन ने इस काम के लिए 50 हजार दिए हैं। शुभम ने बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद और दिल्ली से ड्रोन के लिए उन्नत उपकरण मंगवाए हैं। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग मयूर दीक्षित ने कहा कि ड्रोन को पूरा करने में हर संभव सहयोग दिया जाएगा.

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