श्रीनगर , PAHAAD NEWS TEAM

इस साल जंगल में आग लगने की घटनाओं का सीधा असर फसलों और बागवानी के क्षेत्र पर भी पड़ा है. श्रीनगर में उद्यान विभाग की मदद से काश्तकारों द्वारा की जा रही बागवानी जंगल की आग के प्रकोप से बर्बाद हो गई है, जिसमें विभिन्न प्रकार के फल पौधों, जड़ी-बूटियों, औषधीय पौधों को बहुत नुकसान हुआ है. जंगल की आग के कारण तापमान में वृद्धि के कारण तापमान में वृद्धि के कारण भूमि की नमी कम हो गई है, जिससे जमीन के अंदर उगने वाली अदरक, लहसुन, प्याज और आलू की फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है.

उत्तराखंड बागवानी विभाग के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में उगाई जाने वाली फसलों की पैदावार भी मिट्टी में नमी कम होने के कारण प्रभावित हुई है। कई सब्जियों और फलों के विकास में जंगल की आग भी एक बाधा बन गई है। बागवानी विभाग ने नुकसान का आकलन किया तो चौंकाने वाले नतीजे आए हैं।

पौड़ी के जंगल में लगी आग से 30-35 प्रतिशत बागवानी और फसलें जंगल की आग से नष्ट हो गई हैं. पौड़ी जिले के अपर अधिकारी पीडी ढौंडियाल ने बताया कि जंगल की आग से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने सरकार को नुकसान के आकलन की रिपोर्ट भेजी है.