पौड़ी , पहाड़ न्यूज टीम

जिला आपदा प्रबंधन केंद्र पौड़ी के हाथ मजबूत हो गए हैं. आपदा के दौरान आपदा संचालन केंद्र को हमेशा राहत और बचाव कार्यों के लिए कर्मचारियों की कमी से जूझना पड़ता था, लेकिन अब 72 आपदा मित्र मिल गए हैं। इन आपदा मित्रों को राहत और बचाव कार्यों में बुनियादी प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि आपदा की घटनाओं के दौरान बचाव कार्यों में तेजी लाई जा सके।

उत्तराखंड राज्य आपदा, भूस्खलन और भूकंप के मामले में जोन 4 और 5 में शामिल है। राज्य के पहाड़ी क्षेत्र में हर साल बड़ी संख्या में आपदाएं और भूस्खलन होते हैं। हर बार रेस्क्यू वर्क में स्टाफ की कमी होती है, लेकिन इस बार हालात बदलने की उम्मीद है. इस बार जिले में 72 आपदा मित्रों की मौजूदगी से प्रशासन के हाथ मजबूत हुए हैं, जिससे आपदा की घटनाओं के दौरान बचाव कार्य में मदद मिलेगी. आपदा मित्रों को देहरादून और टिहरी जिलों से प्रशिक्षित किया गया है . आपदा मित्रों को भुवनेश्वरी और सॉगवेली एनजीओ द्वारा प्रशिक्षित किया गया, जिसमें उन्हें बचाव के साथ-साथ प्राथमिक उपचार की भी जानकारी दी गई।

आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश चंद्र काला ने बताया कि जिले में आपदा कार्य के लिए 72 आपदा मित्रों को प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें पीआरडी, होमगार्ड के साथ-साथ स्वयंसेवी छात्र भी शामिल हैं. सभी को 12 दिन का प्रशिक्षण दिया गया है। बताया कि बचाव के दौरान आपदा मित्रों को मानदेय देने का प्रावधान नहीं है. आपदा मित्रों को बचाव कार्य में सहयोग के रूप में सहायता ली जाएगी।