पौड़ी : ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के कारण जिन गांवों व रिहायशी बस्तियों में दरारें व अन्य समस्याएं आ रही हैं, वहां सर्वे व निरीक्षण का कार्य थर्ड पार्टी के माध्यम से किया जाएगा. इतना ही नहीं निरीक्षण के लिए भूवैज्ञानिकों द्वारा इन सभी कार्यों की निगरानी की जाएगी। यह बात गढ़वाल आयुक्त ने पौड़ी में रेल प्रभावित गांवों के पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन योजना की समीक्षा करते हुए कही.

बैठक में गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार ने टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली के उन स्थानों और गांवों में रेलवे अधिकारियों को बताया जहां रेलवे कार्य (ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम) के कारण पहाड़ियों और गांवों या घरों में दरारें आ गई हैं. अन्य प्रकार की दिक्कतें आ रही हैं, उन जगहों का तीसरे पक्ष के माध्यम से निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं. इतना ही नहीं, आयुक्त ने पूरे निरीक्षण कार्य की निगरानी के लिए भू-वैज्ञानिकों को तैनात करने के भी निर्देश दिए.

आयुक्त सुशील कुमार ने टिहरी और रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारियों से भूमि अधिग्रहण व लंबित मुआवजा वितरण की जानकारी भी ली. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए और जरूरत के मुताबिक जमीन का अधिग्रहण किया जाए. वहीं आयुक्त ने डीएम पौड़ी को मीठे गांव में खुली बैठक कर लोगों की सभी संबंधित समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया.