पौड़ी , PAHAAD NEWS TEAM

जिले में 5 साल तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी. जिले में इस बार 56 हजार से अधिक बच्चों को यह दवा देने की तैयारी की जा रही है। इसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन के रेखीय विभागों को भी शामिल किया गया है. जिले में कोई बच्चा न छूटे, इसके लिए 788 स्थायी और 19 ट्रांजिट बूथ बनाए गए हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 2014 में भारत को पोलियो मुक्त देश घोषित किया गया है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं है। इसे केवल ओरल ओपीवी वैक्सीन (ओरल पोलियो वैक्सीन) से ही रोका जा सकता है। वर्ष 1985 में भारत में पोलियो के लगभग 1.5 लाख मामले सामने आए। वहीं साल 2009 तक पूरी दुनिया के मुकाबले पोलियो के आधे मामले अकेले भारत में थे। सही रणनीति के तहत देश ने लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार पोलियो को खत्म कर दिया। हालांकि, पोलियो वायरस अभी भी पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नाइजीरिया जैसे देशों में मौजूद है।

इसको लेकर भारत में भी समय-समय पर पर अभियान चलाकर नौनिहालों को ओपीवी की खुराक पिलाई जाती है। सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा कि भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी के अनुसार जिले में टास्क फोर्स का गठन किया गया है. जिले में 788 स्थायी व 19 ट्रांजिट बूथों के साथ 26 मोबाइल टीमें गठित की गई हैं. इतना ही नहीं पल्स पोलियो अभियान को लेकर प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण व बैठकें भी हो चुकी हैं. उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को पोलियो की खुराक से वंचित बच्चों को 28 फरवरी से 01 मार्च तक विभिन्न टीमों के माध्यम से घर-घर जाकर पोलियो की खुराक दी जाएगी. इस कार्य में शिक्षा, बाल विकास विभाग, विद्युत विभाग, पंचायती राज सहित विभिन्न विभागों से भी सहयोग लिया गया है.