देहरादून: पिथौरागढ़ को केंद्र सरकार की ओर से बड़ी सौगात मिली है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) को नैनी सैनी हवाई अड्डे पिथौरागढ़ के लिए एरोड्रम लाइसेंस जारी किया है। एरोड्रम लाइसेंस जारी होने के बाद नैनी सैनी एयरपोर्ट पिथौरागढ़ पर सभी को लैंडिंग और टेक ऑफ की सुविधा होगी।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण को नैनी सैनी एयरपोर्ट पिथौरागढ़ के लिए एरोड्रम लाइसेंस देने के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को धन्यवाद दिया है.

आपको बता दें कि लंबे समय से नैनी सैनी एयरपोर्ट पिथौरागढ़ से दिल्ली, पंतनगर और देहरादून के लिए हवाई सेवा शुरू करने की बात चल रही थी, लेकिन कई दिक्कतों के चलते सीमावर्ती जिलों के लोगों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही थी. अब यहां से हवाई सेवा शुरू होने के बाद सीमावर्ती जिलों के लोगों को दिल्ली और देहरादून जाने में आसानी होगी.

एरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद पिथौरागढ़ हवाईअड्डा सार्वजनिक उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि इस फ्लाइट की सेवा कब से शुरू की जाएगी, इस पर फैसला उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण को करना है। इसके अलावा नैनी सैनी एयरपोर्ट पर अब बड़े जहाज भी उतर सकते हैं। गौरतलब है कि हाल ही में इस एयरपोर्ट के प्रबंधन की जिम्मेदारी सेना को दी गई है। यहां से सेना चीन और नेपाल पर नजर रख सकती है .

देहरादून से पिथौरागढ़ की दूरी करीब 500 किमी है, इस दूरी को तय करने में करीब 12 से 15 घंटे का समय लगता है, लेकिन हवाई सेवा शुरू होने के बाद यह दूरी एक से डेढ़ घंटे में तय हो जाएगी। इसके अलावा 2018 में हेरिटेज एविएशन ने रीजनल फ्लाइट स्कीम के तहत देहरादून-पंतनगर और पिथौरागढ़ के बीच 9-सीटर एयरलाइन लॉन्च की, लेकिन यह दो महीने तक नहीं चली।

इसके बाद अक्टूबर 2021 में पवन हंस लिमिटेड ने पांच सीटर हेलीकॉप्टर की सेवा शुरू की, जो मुश्किल से 6 महीने ही चल सका। तब से यहां के लोग हवाई सेवा का इंतजार कर रहे हैं। इस पर कांग्रेस ने भी सवाल उठाए।

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