मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने विश्व प्रसिद्ध जॉर्ज एवेरेस्ट हाउस और उसके आस पास की जगह का सञ्चालन टेंडर प्रक्रिया के सुधार के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है .उत्तराखंड टूरिज्म डेवेलॉयंट बोर्ड द्वारा हाल ही में विश्व प्रसिद्ध जॉर्ज एवेरेस्ट हाउस और उसके आस पास की जगह का सञ्चालन टेंडर प्रक्रिया के तहत देने की कवायद शुरू की है परन्तु इस पूरी प्रक्रिया में कई खामियां व्यतीत होती है व् भ्रष्टाचार लिप्त होने की आशंका है।
कृपया करके निम्नलिखित बिन्दुओं पर अपना संज्ञान लेने का कष्ट करे :
१. पूरी टेंडर प्रक्रिया कुछ चुनिंदा और मनपसंद व्यक्तियों और ठेकेदारों के लिए बनाई गयी है।
२. टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है।
३. टेंडर प्रक्रिया कुछ चुनिंदा और मनपसंद व्यक्तियों और ठेकेदारों को देने के लिए विभाग ने इसकी विज्ञपति को ठीक प्रकार से मीडिया में प्रकाशित नहीं किया और न ही इसका भरपूर विज्ञापन हुआ।
४. टेंडर प्रक्रिया को कठिन बनाया गया जिससे की कम से कम व्यक्ति इसमें भाग ले सकें और कुछ चुनिंदा और मनपसंद व्यक्तियों को ही इसमें भाग लेने का अवसर मिले।
५. टेंडर प्रक्रिया में सिर्फ साहसिक खेल और एयर स्पोर्ट्स के संचालकों को टेंडर में भाग लेने की अनुमति है जो की सरासर गलत है।
६. टेंडर प्रक्रिया में सिर्फ साहसिक खेल और एयर स्पोर्ट्स के संचालकों को टेंडर में भाग लेने की अनुमति है जो साफ़ दर्शाता है की किसी मनपसंद भ्रष्ट ठेकेदार के लिए ये नियमवाली और टेंडर बनाया गया है।
७. टेंडर प्रक्रिया में सिर्फ साहसिक खेलों पर ज़ोर देना दर्शाता है की विभाग द्वारा निष्पक्ष टेंडर नहीं बनाया गया और सारा टेंडर किसी व्यक्ति विशेष को कार्य देने के लिए है।
८. टेंडर प्रक्रिया में मूल रूप से सिर्फ साहसिक खेल और ऐरो स्पोर्ट्स के संचालक ही भाग ले सकते हैं जबकि विश्व प्रसिद्ध जॉर्ज एवेरेस्ट साइट पर म्यूजियम , रेस्टोरेंट , कैफ़े , गार्डन , पर्यटक निवास हट , पार्किंग आदि भी सुविधाएं है।
९. म्यूजियम ,ऑब्जर्वेटरी, रेस्टोरेंट , कैफ़े , गार्डन , पर्यटक निवास हट , पार्किंग आदि जैसी सुविधाएं कोई साहसिक खेल और ऐरो स्पोर्ट्स का संचालक नहीं कर सकता जो फिर दिखता है की टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है।
१०. म्यूजियम और ऑब्जर्वेटरी एक बहुत बड़ा पर्यटक केंद्र है और एक बड़ी जिम्मेदारी इतिहास के साथ , विभाग ने बिना सोचे समझे इस म्यूजियम को जिस पर करोड़ों रुपया का खर्च किया गया है उसको साहसिक खेलों में सम्मलित कर दिया।
११. रेस्टोरेंट, कैफ़े, पर्यटक हट, आदि , हॉस्पिटैलिटी से सम्बंधित है पर विभाग ने इन सुविधाओं को भी साहसिक खेलों में सम्मलित कर दिया जिससे ये दर्शाता है की व्यक्ती विशेष के लिये ये टेन्डर है।
१२. पार्किंग का सञ्चालन एक अलग क्रिया है परन्तु इस सुविधा को भी एक व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने हेतु ऐरो स्पोर्ट्स के अंतर्गत शामिल कर दिया।
१३. पाथवे और गार्डन्स के लिए जो १४२ एकर में फ़ैले हैं उनके लिए बाग़बानी की आवश्यकता है और इसके लिए लैंडस्केप विशेषज्ञ की जरुरत है परन्तु व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए इस बात को भी दर किनार कर दिया गया।
१४. टेंडर में कहीं पर भी पर्यटकों की सुविधा जैसे जगह जगह पर विश्राम गृह, शौचालय, बेंच, कुर्सी, हवा घर, व्हीलचेयर सुविधा, फर्स्ट ऐड सुविधा आदि
और जॉर्ज एवेरेस्ट तक पहुंचने के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए गाडी की सेवा की बात नहीं की गयी है जो की गलत है।
१५. टेंडर में किसी भी स्थानीय व्यक्ति और उत्तराखंड के मूल निवासियों के लिए कोई प्राथमिकता नहीं रखी गई है जो की आश्चर्यजनक है और विभाग की इच्छा किसी व्यक्ति विशेष को जॉर्ज एवेरेस्ट पर्यटक स्थल ठेके पर देने की मंशा साफ़ दर्शाती
है।
आपसे विनर्म निवेदन है की आप ऊपर लिखे सभी बिन्दुओं पर अपना ध्यान आकर्षित करते हुए इस टेंडर प्रक्रिया में सुधार लाने का पूरा प्रयास करें जिससे की जॉर्ज एवेरेस्ट पर्यटक स्थल मसूरी और उत्तराखंड को विश्व ख्याति दिलाये ।
मसूरी ट्रेडर्स एंड वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध जॉर्ज एवेरेस्ट हाउस और उसके आस पास की जगह का सञ्चालन टेंडर प्रक्रिया में लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है. मसूरी ट्रेडर्स एंड वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि लोगों का शोषण हो रहा हैं जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ,जगजीत कुक्रेजा ,नागेन्द्र उनियाल आदि लोग उपस्थित थे।
मसूरी से राकेश रावत और नैनबाग से करण कंडारी को मंडल अध्यक्ष बनाया गया

