मसूरी : राज्य आंदोलनकारियों ने पांच दिन के भीतर अवैध निर्माणों को तोड़ने की मांग की, नहीं तो शुरू होगा अनिश्चितकालीन धरना उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन संगठन के संयोजक प्रदीप भंडारी ने शहीद स्थल पर मुख्यमंत्री धामी को एक पत्र लिखा है नगर पालिका की तानाशाही की पूरी तरह से निंदा की है. किए जा रहे अवैध निर्माण को जल्द से जल्द गिराने की मांग की गई है।

मसूरी शहीद स्थल पर नगर पालिका द्वारा बहुमंजिला अवैध रेस्टोरेंट होटल निर्माण कर शहीद स्थल की सुंदरता एवं गरिमा गिराने से आंदोलनकारियों मैं रोष , MDDA की भूमिका संदेहजनक , अवैध निर्माण धवस्तीकरण की मांग . धवस्तीकरण न होने पर 12 दिसंबर से आंदोलन की सूचना

एमडीडीए से बिना मानचित्र स्वीकृति के उत्तराखंड शहीद स्थल से नजदीक मसूरी नगर पालिका द्वारा सभी नियमों बॉयलॉज का खुला उल्लंघन कर , माल रोड से दून व्यू ढककर शहीद स्थल और उसके ऊपर अवैध रूप से रेस्टोरेंट होटल का निर्माण कार्य किया जा रहा है और नागरिकों की अनेक शिकायतों के बावजूद बेरोक टोक किया जा रहा है.

आम नागरिकों की दुकानें या घर बिना नोटिस के तोड़ देने वाले MDDA की इस अवैध कार्य पर मात्र चालान की कार्यवाही तक सीमित रहने पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की भूमिका भी बेहद आपत्तिजनक एवं संदेह के घेरे में है

राज्य निर्माण के लिए उक्त स्थल पर 6 लोग शहीद हुए सैकड़ों ने जेल की यातनाएं झेली। शहीद स्थल के आसपास कोई निर्माण कार्य करना गलत है शहीद स्थल की गरिमा नहीं गिरने दी जाएगी। इस अवैध निर्माण और शहीद स्थल को कैद करने से आंदोलनकारियों में भारी रोष है

आज नागरिकों एवं आंदोलनकारियों की बैठक शहीद स्थल पर हुई तथा बैठक में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि अविलंब उक्त अवैध निर्माण को धवस्त्त कर शहीद स्थल को अवैध निर्माण की कैद से मुक्त करवाएं . शहीद स्थल की गरिमा बचाने की कृपा करें .

उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो 12 दिसंबर से आंदोलनकारियों व स्थानीय लोगों के सहयोग से राज्य शहीद स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगा

पौराणिक हवाई अड्डे को ध्वस्त कर दिया गया है। नगर निगम प्रशासन की ओर से वहां एक व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए होटल बनवाया जा रहा है। एमडीडीए द्वारा अवैध निर्माण के नोटिस के बावजूद अवैध निर्माण बदस्तूर जारी है। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

धवस्तीकरण की की कार्यवाही अविलंब न होने पर राज्य आंदोलनकारी 12 दिसंबर 2022 से मसूरी शहीद स्थल पर है अनिश्चित कालीन धरने / प्रदर्शन को बाध्य होंगे।