देहरादून: अपनी जान जोखिम में डालकर 6 लोगों की जान बचाने वाले उत्तराखंड पुलिस के एक जांबाज को प्रधानमंत्री जीवन रक्षा पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया .राजेश कुंवर नैनबाग के मसोन के रहने वाले है, इससे पहले भी उनको कई बार सम्मानित किया गया है उत्तराखण्ड पुलिस में कार्यरत है इस पुलिसकर्मी ने अपने काम से उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। ड्यूटी के दौरान अदम्य साहस दिखाने वाले कांस्टेबल राजेश कुंवर को अब उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया गया ।

आइए अब आपको इस पुलिसकर्मी के कारनामों के बारे में बताते हैं, जिसके लिए इन्हें वीरता पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। घटना वर्ष 2019 की है। देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र में दशमेश विहार कॉलोनी के रहने वाले विक्रांत कुमार के घर पर कार में आग लगने की सूचना मिली थी .

सूचना मिलते ही चीता मोबाइल ड्यूटी पर तैनात सिपाही राजेश कुंवर बिना देर किए मौके पर पहुंच गए। वहां उसने देखा कि घर में खड़ी एक कार में आग लग गई है और चारों तरफ धुआं फैल गया है। आग की चपेट में एक स्कूटी भी आ गई। घर में धुआं भर गया। अंदर विक्रांत कुमार, उनकी पत्नी, दो बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता फंसे हुए थे। धुएं के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी।

कांस्टेबल राजेश कुंवर किसी तरह मुंह पर कपड़ा बांधकर मौके पर पहुंचे और रोते हुए पीड़ितों को सांत्वना दी। पीड़ितों का दम घुटने लगा था। फिर पुलिसकर्मी ने किसी तरह सीढ़ी खड़ी की और एक-एक कर सभी लोगों को छत से नीचे उतारना शुरू किया. इसी बीच दमकल की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई और आग पर काबू पा लिया।

इस तरह कांस्टेबल राजेश कुंवर की सूझबूझ से 6 लोगों की जान बच गई. इस वीरतापूर्ण कार्य के लिए प्रधानमंत्री जीवन रक्षा पुलिस मेडल से नवाजे जाने की घोषणा की गई है। डीजीपी ने वीरता पुरस्कार पाने वाले पुलिसकर्मी को बधाई दी , इस पुलिसकर्मी ने साबित कर दिया है कि लोग खाकी में भी रहते हैं, जरूरत है तो बस अपने दिल की सुनें, अपने कर्तव्य के प्रति सच्चे रहें।

आज उनको उनके द्वारा किए गए इन महान कार्यों को करने के उपलक्ष्य पर प्रधानमंत्री जीवन रक्षा पदक से नवाजा गया है, जोकि हम सबके लिए बहुत गौरव की बात है

पहाड़ न्यूज टीम की ओर से कांस्टेबल राजेश कुंवर को शुभकामनाएं।

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