ऋषिकेश : लोगों में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर अभी भी गुस्सा है. टिहरी विस्थापित क्षेत्र में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने व इसमें शामिल वीआईपी का नाम उजागर करने तथा आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए महिला शक्ति एवं स्थानीय निवासियों द्वारा इंटर कॉलेज से शिव चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया. प्रदर्शनकारियों ने शिव चौक पर दो मिनट का मौन रखकर अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी।

विस्थापित समिति के अध्यक्ष हरि सिंह भंडारी व राज्य सचिव धर्मेंद्र गुलियाल ने कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को सरकार द्वारा न्याय नहीं देने के संदर्भ में विस्थापित क्षेत्र के जागरूक लोगों ने सरकार से अपील की है. दोषियों को फांसी देने की मांग की। साथ ही कहा कि कहीं न कहीं वे नेता भी हैं जिन्होंने युवाओं के अधिकार छीने हैं, जिन्होंने पिछले दरवाजे से अंकिता और अंकिता जैसे कई होनहार युवाओं को उनके चाहने वालों की नौकरी दिलाने का काम किया.
राज्य सरकार ने अभी तक ऐसे नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेंद्र रमोला ने कहा कि विस्थापित क्षेत्र में महिला शक्ति और स्थानीय द्वारा बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए और एसआईटी द्वारा उस वीआईपी का नाम उजागर करने की मांग कैंडल मार्च निकालकर सरकार को चेतावनी देने के लिए की गई थी । साथ ही मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कड़ी कार्रवाई की मांग की.

