देहरादून: एमकेपी पीजी कॉलेज में छात्र संघ चुनाव के परिणाम को लेकर जमकर हंगामा हुआ.

मतगणना के बाद एबीवीपी प्रत्याशी व समर्थकों ने एनएसयूआई प्रत्याशी की जीत से नाराज होकर नारेबाजी की और दोबारा मतगणना की मांग की. जीत का बहुत कम अंतर होने के कारण कॉलेज प्रबंधन ने फिर से वोटों की गिनती कराई, लेकिन फिर से एनएसयूआई के उम्मीदवार को विजयी घोषित कर दिया गया.

छात्र नेताओं ने कॉलेज में रखी कुर्सियों को आग के हवाले कर दिया।

इसके बाद एबीवीपी प्रत्याशी व समर्थकों ने चुनाव रद्द करने की मांग को लेकर कॉलेज में हंगामा शुरू कर दिया. जल्द ही, डीएवी और अन्य कॉलेजों के दर्जनों एबीवीपी छात्र नेताओं ने कॉलेज में रखी कुर्सियों में आग लगा दी और पुलिस पर भी हमला कर दिया. इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों से भी अभद्र व्यवहार किया गया।

पुलिस ने सुरक्षा कारणों से कॉलेज का मुख्य गेट बंद कर दिया, जिससे विजयी प्रत्याशी व चुनाव समिति रात 10 बजे तक अंदर ही फंसी रही. सिटी मजिस्ट्रेट कुशाम चौहान व एसपी सिटी सरिता डोभाल ने किसी तरह मामले पर काबू पाया. सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि रविवार शाम को चुनाव शिकायत समिति के समक्ष सुनवाई होगी. इसके बाद हंगामा करने वाली छात्राओं को हटाया गया।

सुबह से ही एबीवीपी और एनएसयूआई समर्थकों के बीच विवाद होता रहा ।

एमकेपी पीजी कॉलेज में छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान के दौरान शनिवार सुबह से ही एबीवीपी और एनएसयूआई समर्थकों के बीच विवाद होता रहा है . चुनाव प्रचार को लेकर दोनों छात्र संगठनों ने एक-दूसरे पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।

मतदान के दौरान कांग्रेस नेता गरिमा दसौनी दोपहर करीब 12.30 बजे जब कॉलेज गेट पर पहुंचीं तो एबीवीपी समर्थकों ने उनका विरोध शुरू कर दिया. इसी दौरान एनएसयूआई और एबीवीपी के समर्थकों के बीच मारपीट हो गई। पुलिस ने किसी तरह मतदान कराया, लेकिन मतगणना और नतीजों को लेकर स्थिति पूरी तरह से बेकाबू हो गई.

परिणाम में जब अध्यक्ष प्रत्याशियों के बीच जीत का अंतर महज पांच वोट और सह-सचिव के बीच एक वोट का अंतर होने से पराजित एबीवीपी प्रत्याशियों और समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सह-सचिव पद पर दोबारा मतगणना कराई गई, लेकिन इसमें अध्यक्ष और सह-सचिव पद पर फिर एनएसयूआइ की प्रत्याशी विजय रहीं, मगर उपाध्यक्ष पद पर एबीवीपी प्रत्याशी विजयी हुईं।